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क्या कोई होम्योपैथिक दवा कोरोनावायरस से बचा सकती है?
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फिट वेबकूफ: क्या ये होम्योपैथिक दवा कोरोनावायरस से बचा सकती है?

दावा

नोवेल कोरोनावायरस के मामले भारत में भी सामने आने लगे हैं, ऐसे में इससे बचाव और इलाज को लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं.

सोशल मीडिया पर कई तरह के फेक पोस्ट के साथ ही ये खबर आई है कि तेलंगाना सरकार की ओर से एक होम्योपैथिक दवा बांटी जा रही है. ये दवा मुफ्त में दी जा रही है और गाइडलाइन में कहा गया है कि इसकी 6 गोलियां तीन दिन तक ली जाएं.

इससे पहले भारत के आयुष मंत्रालय की ओर से पीआईबी पर कोरोनावायरस को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी.

इसमें कोरोनावायरस के इंफेक्शन से बचाव के लिए आयुर्वेदिक उपाय, होम्योपैथिक दवा और कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण नजर आने वाले लक्षणों से राहत के लिए कुछ यूनानी दवाओं के बारे में बताया गया था.

कोरोनावायरस से बचने के लिए आयुष मंत्रालय के सुझाव

इन उपायों में व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोने की सलाह दी गई है.

इसके अलावा आयुर्वेदिक उपाय में कहा गया है:

  • शदांग पनिया (मुस्ता, परपाट, उशीर, चंदन और नागर) प्रोसेस्ड पानी (एक लीटर पानी में 10 ग्राम पाउडर डाल कर उबालें, जब तक यह आधा न हो जाए) पी लें. इसे एक बोतल में रखें और प्यास लगने पर पीते रहें.

  • बिना हाथ धोए अपनी आंखें, नाक और मुंह छूने से बचें.

  • जो लोग बीमार हैं, उनसे निकट संपर्क से बचें.

  • बीमार होने पर घर पर ही रहें

  • खांसी या छींक के दौरान अपना मुंह ढक लें और खांसने या छींकने के तुरंत बाद अपने हाथ जरूर धोएं

  • संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय या काम करते समय N-95 मास्क का इस्तेमाल करें

  • अगर आपको कोरोनावायरस से संक्रमण का संदेह है, तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें

मंत्रालय ने आयुर्वेद और यूनानी दवा के अनुसार रोग निरोधी उपाय भी सुझाए हैं. इसके तहत अगस्त्य हरितकी पांच ग्राम दिन में दो बार गर्म पानी के साथ लेनी है. शेषमणि वटी 500 मिलीग्राम दिन में दो बार लेने की सलाह दी गई है. त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर पांच ग्राम और तुलसी 3-5 पत्तियां एक लीटर पानी में उबालें, जब तक यह पानी आधा लीटर तक कम नहीं हो जाता है. इसके बाद इसे एक बोतल में रख लें और इसे आवश्यकतानुसार और जब चाहे तब पीते रहें. प्रतिमार्स नास्य में बताया गया है कि नाक में रोजाना सुबह अनु तेल/तिल के तेल की दो बूंदें डालें.

हालांकि ये परामर्श जारी करने के साथ ही आयुष मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि ये सलाह केवल सूचना के लिए है और इसे केवल पंजीकृत आयुर्वेद चिकित्सकों के परामर्श से अपनाया जाए.

मंत्रालय ने तीन दिनों तक खाली पेट Arsenicum album 30 नाम की होम्योपैथिक दवा लेने की भी सलाह दी थी.

PIB की रिलीज का स्क्रीनशॉट

सोशल मीडिया पर भी कोरोनावायरस से बचाव के लिए कई तरह के मैसेज फॉरवर्ड किए जा रहे हैं.

कभी भी बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा न लें.

क्या कोई होम्योपैथिक दवा कोरोनावायरस से बचा सकती है?

इस सिलसिले में फिट ने दिल्ली के डॉ कल्याण बनर्जी होम्योपैथिक क्लीनिक से डॉ कुशल बनर्जी से बात की. उन्होंने कहा, "सबसे जरूरी हमें ये समझना है कि ये वायरस अपने आपमें एकदम नया है और हर मेडिकल सिस्टम इससे नए तरीके से जूझ रहा है. इसलिए हमारे पास अभी कोई डेटा नहीं है कि पहले कोरोनावायरस के मामले हुए और किसी दवा से फायदा हुआ. ऐसे में सबसे बेहतर आकलन के जरिए ही किसी दवा को लेने की सलाह दी जा सकती है."

प्रेस रिलीज में बताए गए Arsenicum album के बारे में डॉ बनर्जी बताते हैं कि पहले भी जब स्वाइन फ्लू और SARS वगैरह की बात हुई थी, तब यहां तक कि मैक्सिकन अथॉरिटी की ओर से भी Arsenicum album की एडवाइजरी आई थी.

एक एंटीवायरल के तौर पर Arsenicum album दवा मददगार साबित हो सकती है. लेकिन फिर भी निश्चित तौर पर ये कहना कि कोरोनावायरस के लिए यही दवा बेस्ट है, ये सही नहीं होगा क्योंकि अभी हमारे पास कोई डेटा नहीं है.
डॉ कुशल बनर्जी, डॉ कल्याण बनर्जी होम्योपैथिक क्लीनिक, दिल्ली

कितने कारगर हो सकते हैं आयुर्वेदिक और यूनानी उपाय?

क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ सुमित रे कहते हैं,

"साफ-सफाई रखने जैसी सलाह का पालन किसी भी मामले में करना चाहिए और ये जरूरी भी है. लेकिन जहां तक आजकल सामने आने वाले वायरस से निपटने की बात है, ऐसे में कोई आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक या यूनानी उपाय कितने प्रभावी होंगे, इसे लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं है."

वुहान से फैले कोरोनावायरस के बारे में कहा जा रहा है कि ये एक नई तरह का कोरोनावायरस है. वैज्ञानिकों और मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसीलिए इसकी कोई दवा नहीं है और न ही इससे बचाव के लिए कोई वैक्सीन मौजूद है.

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