सेक्सॉल्व: ‘मैं क्या बाईसेक्सुअल या हेट्रोसेक्सुअल हूं?'

'मैं इस बारे में उलझन में हूं.'

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'आप और सिर्फ आप ही परिभाषित कर सकते हैं कि आपकी सेक्सुअलटी क्या है.'
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(चेतावनी: कुछ सवाल आपको विचलित कर सकते हैं. पाठक को पढ़ने से पहले विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.)

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का फिट पर सवाल-जवाब पर आधारित कॉलम है.

अगर आपके मन में सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़े कोई सवाल हैं, और आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

‘मैं बाईसेक्सुअल हूं या स्ट्रेट?’

'मैं लड़कों के प्रति 20 फीसद और लड़कियों के प्रति 80 फीसद आकर्षित होता हूं.'
'मैं लड़कों के प्रति 20 फीसद और लड़कियों के प्रति 80 फीसद आकर्षित होता हूं.'
(फोटो: iStock)

डियर रेनबोमैन,

मैं 21 वर्षीय पुरुष हूं. मैंने पाया है कि मैं विशेष तरह के लोगों के प्रति सेक्स आकर्षण महसूस करता हूं, लेकिन लड़कियों के प्रति आकर्षण से तुलना करें तो मैं लड़कों के प्रति 20 फीसद और लड़कियों के प्रति 80 फीसद आकर्षित होता हूं. मैं इस बारे में उलझन में हूं कि क्या मैं बाईसेक्सुअल (उभयलिंगी) या स्ट्रेट (विषयलिंगी) हूं?’

सादर,

उत्सुक लड़का

डियर उत्सुक लड़के,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. अच्छी बात है कि आप यह जानने में सक्षम हैं कि आप एक खास किस्म के पुरुषों की ओर आकर्षित होते हैं. हममें से सभी नहीं तो कुछ लोग, खासकर एक बनावट से आकर्षित महसूस करते हैं. यह कुछ भी हो सकती है– व्यक्तित्व से लेकर शारीरिक विशेषता तक या शारीरिक बनावट तक. यह सहज और स्वाभाविक है.

आप और सिर्फ आप ही परिभाषित कर सकते हैं कि आपकी सेक्सुअलटी क्या है. सेक्सुअलटी कोई ऐसी बात नहीं है, जो स्थिर हो. यह कभी भी नया रूपाकार ले सकती है और जब ऐसा होता है तो वह शख्स सेक्सुअलटी या जेंडर को फिर से परिभाषित कर सकता है.

कई ऐसे स्ट्रेट पुरुष हैं जो दोनों में रुचि रखते हैं. कई ऐसे पुरुष हैं, जो महिलाओं की ओर ज्यादा झुकाव रखते हैं और पुरुषों की ओर कम. ये सभी अनुपात और क्रम-परिवर्तन और संयोजन मुमकिन हैं. यह वैसा ही है जैसा कि कुछ स्ट्रेट पुरुष महिलाओं की किसी खासियत के प्रति ज्यादा आकर्षित होते हैं.

कभी-कभी शब्दों की परिभाषा की बेड़ियों से आजाद होना अच्छा होता है.

जब आप किसी पुरुष की गर्माहट महसूस करते हैं– इसका अनुभव कीजिए. जब आप किसी महिला के प्रति प्यार महसूस करते हैं – इसे महसूस कीजिए. अगर आप दोनों में से किसी एक जेंडर के लिए प्रतिबद्ध होते हैं या दोनों के लिए होते हैं, तो दायरे के नियम तय कर लें.

हर पल को जिएं, सही मायनों में पूरी तरह से.

अपनी हर ख्वाहिश को पूरी तरह जीते हुए खुद को अपना सबसे बेहतर संस्करण बनाएं.

‘मैं अपनी एक्स को आज भी याद करता हूं. मैं इस अवसाद से बाहर कैसे निकलूं?'

'मैं इस अवसाद की भावना से कैसे बाहर आ सकता हूं?'
'मैं इस अवसाद की भावना से कैसे बाहर आ सकता हूं?'
(फोटो : iStock)

डियर रेनबोमैन,

मैं करीब 6 साल तक एक रिलेशनशिप में रहा. अगस्त 2020 में मेरा ब्रेक-अप हो गया. लड़की और मेरी उम्र में 5 साल का अंतर था, जिसे लेकर कोई समस्या नहीं थी.

ब्रेकअप के बाद मैं इस हद तक टूट गया था कि मुझे पैनिक अटैक और कभी-कभी खुदकुशी के ख्याल भी आने लगे. उसने मेरे लिए उसकी जिंदगी में जाने का हर मुमकिन रास्ता बंद कर दिया था और यही वजह है कि उससे बात न कर पाने की तड़प मुझे अंदर ही अंदर मार रही थी.

सितंबर में मेरे मां-बाप ने मुझे शादी के लिए एक लड़की दिखाई और मैंने उनके साथ अच्छी बातचीत के बाद मंजूरी दे दी. ईमानदारी से कहूं तो मुझे पहली ही मुलाकात में यह लड़की बहुत पसंद आई थी और इसी के चलते मैंने हां कर दी.

अब, मेरी शादी की तारीख तय हो गई है. मैं 30 दिसंबर को शादी करने वाला हूं.

मेरे पास अपनी होने वाली बीवी के लिए तालमेल की या कोई दूसरी समस्या नहीं है. लेकिन कोई चीज़ अंदर गहराई तक मुझे मार रहा है, मुझे नहीं पता कि यह क्या है.

कई बार सामान्य मनोदशा में भी मैं कभी-कभी एक ऐसी दुनिया में खो जाता हूं, जिसका कोई अस्तित्व नहीं है. जहां तक मेरी एक्स (पूर्व प्रेमिका) का सवाल है, मुझे लगता है कि वह आगे बढ़ गई है और एक दूसरे शख्स के साथ प्यार करने लगी है, जो करीब डेढ़ साल से उसके पीछे लगा था. साथ ही, चूंकि मैं ब्राह्मण हूं और मेरी प्रेमिका दूसरी जाति की थी, मुझे हमेशा इस अंतर-जातीय विवाद को अपने मां-बाप की मंजूरी मिलने को लेकर शक था और साथ ही उसके मां-बाप को हमारी उम्र के अंतर को स्वीकार करने के बारे में निश्चित नहीं था. अपने मन के संदेहों के कारण, मैं कभी भी अपनी पूर्व प्रेमिका को वह भरोसा नहीं दिला सका जिसकी एक लड़की को जरूरत होती है और अंत में मैं बहुत डरता था, अगर सब कुछ उस तरह नहीं हुआ जैसा हम चाहते हैं तो कुछ बहुत बुरा हो सकता है.

इस डर की वजह से, मैं हमेशा उसे कहता था कि हम देखेंगे कि समय कब आएगा और शादी का बड़ा सवाल पूछे जाने पर कभी प्रतिबद्धता नहीं जताई. मैंने उसका समर्थन भी किया, जब उसने कहा कि मैंने उसे आश्वासन नहीं दिया तो वह उस शख्स से रिश्ता बढ़ाएगी, जो उसे बुरी तरह चाहता है. मैंने उससे कहा था कि अगर तुम दूसरे शख्स के साथ ज्यादा खुशी महसूस करती हो तो तुम अपनी जिंदगी में आगे बढ़ सकती हो.

अंत में जब उसने लगभग डेढ़ साल से पीछे पड़े शख्स के साथ रिश्ता आगे बढ़ने का फैसला लिया और मैंने इसके बारे में सुना तो मैं तबाह, टूटा हुआ और क्या-क्या नहीं महसूस किया.

उसने मेरे साथ सभी संबंध खत्म कर दिए क्योंकि उसका कहना था बेहतर भविष्य के लिए हम दोनों का अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का यही इकलौता तरीका है. चूंकि मुझे उससे बात करने का मौका नहीं मिलता है और न ही उसे देख पाता हूं, इसलिए मुझे कभी-कभी पैनिक अटैक आते हैं और मैं पूरे दिन उसके बारे में सोचता रहता हूं.

मैं अपनी होने वाली बीवी से बहुत खुश हूं और उसे अपनी पूर्व प्रेमिका के बारे में भी बता दिया है. वह इस बात को पूरी समझती है क्योंकि वह भी करीब 5 साल तक बुरी रिलेशनशिप में रही थी, लेकिन अब वह इससे पूरी तरह निकल चुकी है.

अब इकलौती समस्या यह है कि मैं इस अवसाद की भावना से कैसे बाहर आ सकता हूं?

इसके अलावा, क्या भविष्य में मेरी पूर्व प्रेमिका के साथ मेरी किसी तरह की सामान्य दोस्ती हो सकती है, अगर वह मुझे अनब्लॉक या कुछ और करती है?

मुझे बताइएगा

सादर,

बेसब्री से इंतजार रहेगा

डियर बेसब्र इंतजार

मैंने आपकी बात सुनी. मैं आपके दिल में उठने वाली कसक को समझ सकता हूं.

वक्त हर जख्म पर मरहम लगा देता है. वक्त बहुत अच्छी दवा है. वक्त के साथ, आपकी भावनाएं भी जुदा हो जाएंगी और आप अपनी जिंदगी की हकीकतों के साथ चैन से रह पाएंगे.

इसे इस तरह से देखें… अगर उसने आपको ब्लॉक नहीं किया होता, तो आप किसी अन्य शख्स के साथ उसके प्रेम संबंध के बारे में जानते. तब आपको कैसा लगा होता? यकीन मानें, यह आप दोनों के लिए मुश्किल होता.

वह किसी ऐसे शख्स के साथ थी, जो प्रतिबद्ध नहीं था. वह आगे बढ़ी है और किसी ऐसे शख्स के साथ है जो उसे चाहता था. आपकी प्रेमिका के नजरिये से, उसे शादी के वादे के साथ प्रतिबद्ध रिलेशनशिप की गारंटी की जरूरत थी. एक ऐसे शख्स के रूप में जो उसे प्यार करता था, आप जानते हैं कि यही उसके लिए सबसे बेहतर था.

जब हम किसी व्यक्ति के प्यार में पड़ते हैं, तो हम परिवार की मंजूरी नहीं लेते हैं. किसी के लिए भी इस तथ्य को समझ पाना मुश्किल है कि दो लोगों के बीच के प्यार को अचानक परिवार की मंजूरी की जरूरत होगी.

जब हम किसी से प्यार करते हैं, तो हम चाहते हैं कि वह शख्स अच्छे और बुरे हर मौसम में हमारे साथ हो. यह स्वाभाविक है. चाहे जो हो, उसका धर्म, उसकी जाति या कोई भी बात, प्यार की अभिव्यक्ति के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए.

रिश्ते की लंबाई मायने नहीं रखती है, उन वर्षों में प्यार की गहराई मायने रखती है. कुछ वक्त गुजरने के साथ नजदीक आते हैं, कुछ जुदा हो जाते हैं.

खुदकुशी के ख्याल के लिए, मैं आपको एक काउंसलर से जल्द अप्वॉइंमेंट लेने का अनुरोध करूंगा.

अपनी होने वाली बीवी को खुश रखने की फिक्र नहीं करें. बस उसकी खुशी की राह में ना आएं.

उसकी उड़ान की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर उसके अस्तित्व को बेड़ियों में ना जकड़ें.

हर एक का अपना अस्तित्व है. महिलाओं को किसी पुरुष की मंजूरी की मुहर या “देखरेख” की जरूरत नहीं है. अगर किसी को देखभाल की जरूरत है, तो वह आप खुद हैं. हमें अपनी जिंदगी की जिम्मेदारी लेनी होगी ताकि हम दूसरों को चोट न पहुंचाएं, जो हमें प्यार करते हैं. अगर आप एक मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से मिलते हैं और बाद में नियमित रूप से परामर्श लेते हैं तो यह आपके लिए बहुत मददगार होगा.

मदद लेना जरूरी है. अपने पार्टनर को यह बताना भी जरूरी है कि आप ठीक नहीं हैं.

आपकी पूर्व प्रेमिका के साथ आपका प्यार एक मीठी याद हो सकता है. समय के साथ जख्म भर जाएंगे, तो वह आपके दिल में जगह बनाए रह सकती है. लोग अनब्लॉक किए जा सकते हैं और वे जिंदगी को एक नई रोशनी में देख सकते हैं.

“लोग आते हैं और जाते हैं.” जब रिश्ते इतिहास बन जाते हैं, तो कभी-कभी ‘किसी को गहराई से याद करने’ की निरंतर भावना बार-बार एक ही चीज के बारे में सोचने से पैदा हुई बोरियत की भावना से बदल जाती है.

चीजें बदल जाती हैं. चीजें बेहतर हो जाती हैं. उसे कुछ वक्त और दें.

“वक्त आएगा, वक्त आएगा. जिनसे आप मिलते हैं, उन मिलने वाले चेहरों के लिए चेहरा तैयार करो.”

वक्त के साथ, मुझे उम्मीद है कि आपको एहसास होगा कि आपमें अपने वर्तमान में जीने के लिए, पूरी तरह और सही मायने में साहस है.

प्यार के साथ

रेनबोमैन

अंतिम बातः एक मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल के साथ एक अप्वॉइंमेंट लें. अभी.

‘मुझे लगता है मैं असेक्सुअल’

'असेक्सुअल होना कोई बीमारी नहीं है.'
'असेक्सुअल होना कोई बीमारी नहीं है.'
(फोटो : iStock)

डियर रेनबोमैन,

मुझे लगता है कि मैं असेक्सुअल (सेक्स के प्रति अरुचि की भावना) हूं. मुझे पता नहीं है, और जाहिर है, मैं इसके बारे में इतनी निराश हूं कि विशेषज्ञों को मेल करने की हिम्मत नहीं होती, कुछ ऐसा है जिससे मुझे हमेशा शर्मिंदगी होती है. जगह-जगह दीवारों पर लिखी सेक्स समस्याओं जैसी.

मैं 25 साल की हूं और मैंने कम से कम तीन लोगों के साथ अनगिनत बार सेक्स संबंध बनाए, लेकिन कभी भी ऑर्गेज्म नहीं पाया. मैंने हमेशा झूठा दिखावा किया. मैंने मास्टरबेशन करने की कोशिश की, लेकिन हर बार 5 मिनट के बाद छोड़ दिया, यह महसूस करते हुए कि असल में कुछ भी नहीं हो रहा है.

मुझे नहीं पता कि मेरे साथ कुछ गड़बड़ है या नहीं है.

मैं बहुत मितभाषी हूं, यही वजह है कि मैं इस बारे में कभी किसी को नहीं बता पाई. जब भी मेरे दोस्त अपने सेक्स जीवन पर चर्चा करते हैं, मैं बहाने बनाती हूं और यह इतना लंबा हो चुका है कि मैं हर किसी से झूठ बोलती हूं, मैं अब तक इसे स्वीकार करने के लिए खुद को तैयार नहीं कर पाई हूं. यह सच में बहुत अफसोस की बात है. मुझे नहीं पता कि यह कितना फायदेमंद होगा, लेकिन अभी भी उम्मीद है. मैं अपने मां-बाप के साथ रहती हूं, यहां तक कि सेक्सथेरेपी का खर्च भी नहीं उठा सकती, या सेक्स टॉय या कुछ और नहीं खरीद सकती.

मैंने हमेशा झूठा ऑर्गेज्म जताया है. सामने वाले को कभी यह बता नहीं पाई कि मैं इसे महसूस नहीं कर रही हूं. यह शायद संपूर्ण होने का दबाव है.

आजकल जब मैं डेट्स के साथ जाती हूं, तो सबसे पहले उन्हें बता देती हूं कि मैं सेक्स की तलाश नहीं कर रही हूं और यहीं उनमें से आधे फौरन गायब हो जाते हैं, जो इसके बाद भी चिपके रहते हैं और इसके बावजूद कि पहले ही दिन मैंने बता दिया था, मेरी न को हां में बदलने की कोशिश करते हैं. एक लड़के ने हाल ही में मुझसे मेरी सेक्स लाइफ के बारे में पूछा, और कहा कि मुझे बेड में क्या पसंद है, और मैंने कहा कि अगर वह मुझसे झूठ नहीं बोलवाना चाहता तो उसे मुझसे यह सवाल नहीं करना चाहिए है. क्योंकि मैं सच में नहीं जानती कि झूठ कैसे बोलना चाहिए, मुझे पता है कि यह हास्यास्पद लगता है लेकिन कृपया मुझ पर यकीन करें.

मैं सच में बेबस हूं.

किसी भी तरह की सलाह मेरे लिए बहुत मददगार होगी, शुक्रिया.

सादर,

उत्तर की आकांक्षी

डियर मिस उत्तर की आकांक्षी,

एक हाशिये की बात. जो हम महसूस करते हैं उसे शब्दों में पिरोते हैं और इसे किसी ऑनलाइन अनजान को मेल कर देते हैं, तो यह कुछ लोगों के लिए अपने आप में राहत देने वाला हो सकता है. मुझ पर भरोसा करने के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं.

आपकी सेक्सुअलटी को आपके सिवा कोई और परिभाषित नहीं कर सकता है.

असेक्सुअल होना कोई बीमारी नहीं है. सिर्फ इसलिए कि आप सेक्स की ख्वाहिश महसूस नहीं करती हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आपमें कुछ ऐसा है जिसे दुरुस्त करने की जरूरत है. आप सच्चे प्यार का अनुभव कर सकती हैं और सेक्स की ख्वाहिश के बिना भी किसी शख्स के लिए प्यार महसूस कर सकती हैं.

आपको ऐसी दुनिया में फिट होने के लिए लगातार परेशान होने की जरूरत नहीं है, जहां ज्यादातर लोग सेक्सुअल हैं. आपको फेक ऑर्गेज्म जताने की जरूरत नहीं है.

कुल मिलाकर बस आपको सिर्फ इस तथ्य को समझने की जरूरत है कि जो आप चाहती हैं, वह कुछ लोग नहीं चाहते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसे लोग ज्यादा नहीं हैं, जो आप चाहती हैं, वही वो भी चाहते हों.

मैं याद दिलाना चाहूंगा कि झूठ और फेकिंग ऑर्गेज्म के जरिये प्यार और समझदारी की ख्वाहिश और हमारा रिलेशनशिप का तरीका, ज्यादा इस बात से जुड़ा है कि हम खुद को और अपने रिश्ते को किस तरह देखते हैं और मनोवैज्ञानिक मदद की जरूरत होती है. कृपया एक मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल से अप्वाइंटमेंट लेने में संकोच न करें.

मुस्कान के साथ,

रेनबोमैन

अंतिम बातः समय के साथ चीजें बेहतर हो जाती हैं.

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

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