ADVERTISEMENT

ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग में मैमोग्राफी की क्या अहमियत है?

Breast Cancer: जानिए रेगुलर मैमोग्राफी कराने की जरूरत कब होती है

Updated
कैंसर
5 min read
ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग में मैमोग्राफी की क्या अहमियत है?
i

दुनिया भर में महिलाओं को होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे कॉमन कैंसर है.

भारत में स्तन कैंसर से पीड़ित हर 2 महिलाओं में से 1 की मौत हो जाती है. इन मौतों के लिए सबसे बड़ा कारण बीमारी को लेकर जागरुकता की कमी है क्योंकि ज्यादातर मरीज उस वक्त डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जब कैंसर लास्ट स्टेज में पहुंच चुका होता है.

स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर नई दिल्ली स्थित शालीमार बाग के मैक्स इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर के कंसल्टेंट व ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. विनीत गोविंद गुप्ता आईएएनएस से कहते हैं,

“स्तन कैंसर क्यों हो रहा है, इसके कारणों का हालांकि अभी पता नहीं लग पाया है, लेकिन यह तय है कि जितनी जल्दी इसका पता लगाया जाता है, ठीक होने के अवसर उतने ही बढ़ जाते हैं.”

ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआत में ही पता लगाने और वक्त पर इलाज के लिए स्क्रीनिंग की सलाह दी जाती है, जिसमें मैमोग्राफी भी शामिल है.

ADVERTISEMENT

मैमोग्राफी क्या है? ये क्यों जरूरी है

मैमोग्राफी ब्रेस्ट कैंसर के लिए सबसे आम स्क्रीनिंग टेस्ट है.

स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब के डायरेक्टर समीर भाटी बताते हैं कि मैमोग्राफी एक ऐसा एक्स-रे होता है, जो स्तन की जांच के लिए किया जाता है. इसका इस्तेमाल स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है.

मैमोग्राफी एक ऐसा महत्वपूर्ण टेस्ट है, जिसमें रेगुलर मेडिकल टेस्ट और ब्रेस्ट के सेल्फ-एग्जामिनेशन के साथ-साथ स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद मिलती है.

इस टेस्ट में डॉक्टर स्तन के कई एक्स-रे कराता है. ब्रेस्ट कैंसर की गांठ का जल्द से जल्द पता लगाकर उसका इलाज करना ही मैमोग्राम का मुख्य उद्देश्य है.

अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन्स के मुताबिक रेगुलर मैमोग्राम सबसे अच्छे टेस्ट हैं, जो डॉक्टरों को स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने में मददगार होते हैं. मैमोग्राफी के जरिए कभी-कभी इसका संकेत महसूस होने के तीन साल पहले ही इसका पता लगाने में मदद मिल सकती है.

CANCER जर्नल में पब्लिश एक स्टडी में शोधकर्ताओं को 5 लाख से अधिक महिलाओं के विश्लेषण से पता चला था कि जल्द मैमोग्राफी जांच से एडवांस और घातक स्तन कैंसर की दर में कमी आ सकती है.

किस उम्र से करानी चाहिए मैमोग्राफी?

  • 40 साल से अधिक की और इस उम्र के आसपास पहुंच रही महिलाओं को हर साल मैमोग्राफी कराने की सलाह दी जाती है.

  • वहीं जिन महिलाओं के घर में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री रही हो, जैसे मां या बहन, उन्हें 25 साल की उम्र से मैमोग्राफी की सलाह दी जाती है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि 40 से कम उम्र की महिलाओं में अगर ब्रेस्ट कैंसर का कोई ज्ञात रिस्क फैक्टर और नजर आने वाले संकेत नहीं हैं, तो रेगुलर मैमोग्राफी की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर स्तनों में गांठ महसूस होती है, या जिन महिलाओं में कई पैरामीटर जैसे-फैमिली हिस्ट्री और दूसरे फैक्टर्स के आधार पर ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम है, तो मैमोग्राफी जैसी स्क्रीनिंग 25-30 साल की उम्र से शुरू की जा सकती है.

ADVERTISEMENT

मैमोग्राफी के दौरान क्या होता है?

मैमोग्राफी के दौरान एक सपाट एक्स-रे प्लेट पर दोनों स्तनों को सटाया जाता है. एक्स-रे में स्पष्ट इमेज हासिल करने के लिए स्तन को दबाने के लिए कम्प्रेशर का इस्तेमाल किया जाता है.

अगर डॉक्टर को कुछ ज्यादा जानकारी की जरूरत हो, तो इस प्रक्रिया को कई बार किया जा सकता है. कई बार डिजिटल मैमोग्राफी भी की जाती है. यह एक्स-रे इमेज को स्तन की इलेक्ट्रॉनिक पिक्चर्स में भेजती है.

3डी मैमोग्राफी

परंपरागत तौर पर मैमोग्राफी 2 डायमेंशनल ही होती है, जो ब्लैक एंड व्हाइट एक्सरे फिल्म पर नतीजे प्रदर्शित करती है. इसके साथ ही इन्हें कंप्यूटर स्क्रीन पर भी देखा जा सकता है. 3डी मैमोग्राम में ब्रेस्ट के कई फोटो विभिन्न एंगलों से लिए जाते हैं, ताकि एक स्पष्ट और अधिक आयाम की इमेज तैयार की जा सके.

इस तरह के मैमोग्राम की जरूरत इसलिए होती है क्योंकि युवावस्था में युवतियों के स्तन के ऊतक काफी घने होते हैं और सामान्य मैमोग्राम में ट्यूमर के गठन का पता नहीं लग पाता है.

3 डी मैमोग्राफी करने का प्रोसीजर बिल्कुल 2डी मैमोग्राफी की ही तरह होती है. इसमें महिला के स्तन को एक्सरे प्लेट और ट्यूबहेड के बीच रखकर कई एंगल से तस्वीरें ली जाती हैं.

किस तरह की जांच मरीज के लिए फायदेमंद होगी, इसके लिए डॉक्टर स्तन कैंसर के लिए जनरल स्क्रीनिंग गाइडलाइंस का इस्तेमाल करते हैं और कई तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच की प्रक्रिया का चुनाव कर सकते हैं. इसमें पिछली बार कराए गए टेस्ट पर मरीज का अनुभव और नतीजा, जांच के जोखिम और फायदे, गर्भधारण, ओवरऑल हेल्थ और साथ में फैमिली हिस्ट्री भी ध्यान में रखी जाती है.

ADVERTISEMENT

मैमोग्राफी के लिए कैसे तैयार हों?

समीर भाटी कहते हैं जिस दिन मैमोग्राफी टेस्ट कराना हो, उस दिन शरीर पर बॉडी डियोड्रेंट, परफ्यूम, बॉडी लोशन या पाउडर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

बॉडी डियोड्रेंट, परफ्यूम, बॉडी लोशन या पाउडर जैसी चीजों से एक्स-रे की इमेज क्वालिटी प्रभावित हो सकती है या वे कैल्शियम जमा जैसी दिख सकती हैं. इसलिए, इन्हें अपने स्तन और हाथों के आसपास लगाने से परहेज करना बेहतर होता है.
समीर भाटी, डायरेक्टर, स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब

अमेरिकी CDC के मुताबिक कोशिश करें कि पीरियड होने से हफ्ते पहले या उस दौरान मैमोग्राम न कराया जाए क्योंकि इस दौरान ब्रेस्ट में सूजन हो सकती है.

क्या इससे जुड़ी जटिलताएं भी होती हैं?

मैमोग्राफी एक एक्स-रे होता है, इसलिए आपके बॉडी को काफी कम संख्या में रेडिएशन प्राप्त होगा, हालांकि इन रेडिएशन से जुड़ा जोखिम काफी कम होता है.

अगर कोई गर्भवती महिला को तत्काल मैमोग्राफी कराने की जरूरत होती है, तो उसे किसी तरह के जोखिमों से बचने के लिए इस प्रक्रिया के दौरान लीड एप्रन पहनने की जरूरत होगी.
समीर भाटी, डायरेक्टर, स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब
ADVERTISEMENT

मैमोग्राफी के रिजल्ट का क्या मतलब होता है?

मैमोग्राफी इमेज से स्तन में जमा कैल्शियम या गांठ का पता लगाने में मदद मिलती है.

इनमें से ज्यादातर कैल्शियम या गांठ स्तन कैंसर का संकेत नहीं होती हैं. टेस्ट से यह पता चलता है कि स्तनों में कोई सिस्ट या कैंसरकारक या गैर-कैंसरकारक गांठ तो नहीं है.
समीर भाटी, डायरेक्टर, स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब

समीर भाटी बताते हैं कि BI-RADS एक ऐसा सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल यह पता लगाने में होता है कि क्या जांच के लिए अतिरिक्त इमेज की जरूरत है या संबद्ध हिस्से में कैंसर या कैंसर की गांठ होने की आशंका तो नहीं है.

(इनपुट- IANS, USCDC)

(ये लेख आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यहां किसी तरह के इलाज का दावा नहीं किया जा रहा है, सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए और कोई भी उपाय करने से पहले फिट आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देता है.)

(Subscribe to FIT on Telegram)

ADVERTISEMENT
Published: 
ADVERTISEMENT
Stay Up On Your Health

Subscribe To Our Daily Newsletter Now.

Join over 120,000 subscribers!
ADVERTISEMENT
×
×