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COVID फैक्ट चेक: RJ सायमा से जानिए कोरोना वैक्सीन पर फैली अफवाहों की सच्चाई

COVID-19 वैक्सीन आपकी सुरक्षा के लिए है, इसे जरूर लगवाएं

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(ये स्टोरी क्विंट के COVID-19 और वैक्सीन पर आधारित फैक्ट चेक प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो खासतौर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और असम राज्यों के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए शुरू किया गया है. अगर आप भी हमारे इस प्रोजेक्ट को सपोर्ट करना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें.)

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देश में COVID-19 की वैक्सीन लगने की प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो चुकी है. फिर भी बहुत से लोग हैं, जो फेक न्यूज और अफवाहों को सुनकर टीका लगवाने से कतरा रहे हैं. इन्हीं भ्रामक दावों की सच्चाई सामने ला रही हैं, रेडियो जॉकी (RJ) सायमा.

क्या COVID-19 वैक्सीन हलाल है?

डॉक्टरों, वैज्ञानिकों के अलावा दुनिया भर के इमाम और मुस्लिम एडवाइजरी बोर्ड हैं, वो लगातार ये बात कह रहे हैं कि मंजूर की गई हर कोरोना वैक्सीन हलाल है. वैक्सीन में जानवरों का कोई पदार्थ, जिलेटिन या शराब नहीं है. इस्लाम में COVID-19 वैक्सीन लेने की इजाजत है.

क्या अलग-अलग समुदाय के लिए अलग वैक्सीन बनी है?

ऐसा बिल्कुल नहीं है. क्या वैक्सीन लगाने से पहले आपका धर्म पूछा जाता है? नहीं न, तो इस तरह की अफवाहों के चक्कर में ना पड़ें और वैक्सीन जरूर लगवाएं.

क्या कोरोना वैक्सीन का बच्चा पैदा करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है?

कोरोना वैक्सीन का फर्टिलिटी पर कोई असर नहीं होता और न ही ये जनसंख्या नियंत्रण के लिए दी जा रही है. कोरोना वैक्सीन COVID-19 और इसकी घातकता से बचाने के लिए है.

वैक्सीन वायरस या दूसरे रोगाणु के खिलाफ हमारे इम्यून सिस्टम को तैयार करती है.

अगर वैक्सीन से फर्टिलिटी पर असर हो रहा होता, तो वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में इनफर्टिलिटी की शिकायतें आतीं. लेकिन, अब तक ऐसा कोई भी ट्रेंड देखने को नहीं मिला है.

वैक्सीन कई चरणों के ट्रायल्स से होकर गुजरती हैं. वैक्सीन के ट्रायल में शामिल हजारों पुरुषों-महिलाओं में अब तक वैक्सीन से इनफर्टिलिटी की शिकायत नहीं आई है.

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क्या COVID-19 वैक्सीन से पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता है?

गर्भावस्था के दौरान अगर किसी महिला को कोरोना संक्रमण होता है, तो उसे गंभीर बीमारी होने का खतरा ज्यादा है, जिसका बुरा असर पेट में पल रहे बच्चे पर भी हो सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि COVID के टीके गर्भवती महिला और उसके होने वाले बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित हैं. इसके साथ ही बच्चे को दूध पिलाने वाली महिलाएं भी कोरोना वैक्सीन लगवा सकती हैं.

क्या वैक्सीन के साइड इफेक्ट गर्भवती महिलाओं को खतरे में डालते हैं?

किसी टीके के बाद हल्के साइड इफेक्ट आम हैं, इनसे घबराने की जरूरत नहीं है.

हल्का बुखार, इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द या 1-3 दिनों तक बीमार महसूस करने जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जिससे डरने की जरूरत नहीं है.
<div class="paragraphs"><p>कोविड टीकाकरण के बाद सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, लाल धब्बे या इंजेक्शन वाली जगह से दूर त्वचा के किसी हिस्से पर चकत्ते हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें</p></div>

कोविड टीकाकरण के बाद सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, लाल धब्बे या इंजेक्शन वाली जगह से दूर त्वचा के किसी हिस्से पर चकत्ते हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें

(कार्ड: फिट)

<div class="paragraphs"><p>कोविड टीकाकरण के बाद&nbsp;तेज या लगातार सिर दर्द, उल्टी के साथ या उसके बिना पेट दर्द, दौरे या धुंधला दिखाई देने जैसी  समस्या हो, तो  नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें</p></div>

कोविड टीकाकरण के बाद तेज या लगातार सिर दर्द, उल्टी के साथ या उसके बिना पेट दर्द, दौरे या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या हो, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें

(कार्ड: फिट)

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अगर आपको कोविड टीकाकरण के बाद सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, लाल धब्बे या इंजेक्शन वाली जगह से दूर त्वचा के किसी हिस्से पर रैशेज, तेज या लगातार सिर दर्द, उल्टी के साथ या उसके बिना पेट दर्द, दौरे या धुंधला दिखाई देने जैसी कोई भी समस्या हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें. हालांकि ऐसी दिक्कतों की आशंका बहुत ही कम है.

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