प्रदूषण का प्रकोप: प्रदूषित हवा में रहने वालों के फेफड़ों का हाल

प्रदूषण का प्रकोप: प्रदूषित हवा में रहने वालों के फेफड़ों का हाल

फिट हिंदी
एक प्रदूषित शहर में जन्मा हर नवजात रोजाना 25 सिगरेट पी रहा है. हम अपने बच्चों को चेन-स्मोकर बना रहे हैं.

गंगाराम हॉस्पिटल में लंग सर्जन और लंग केयर फाउंडेशन के फाउंडर डॉ अरविंद कुमार ने फिट को बताया 1998 से उन्होंने हेल्दी लंग्स नहीं देखे हैं.

डॉ अरविंद कुमार कहते हैं, "मुझे याद नहीं कि मैंने ऑपरेशन थिएटर में आखिरी बार गुलाबी लंग्स कब देखे थे. बच्चों में अस्थमा की दिक्कतें बढ़ रही हैं, ज्यादा बच्चे न्यूमोनिया से पीड़ित हो रहे हैं, बच्चों और बड़ों में भी लंग इंफेक्शन बढ़ रहे हैं और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के मामले बढ़ रहे हैं."

उन्होंने बताया कि सिगरेट के धुएं में जो प्रदूषक होते हैं, वही प्रदूषक प्रदूषित हवा में भी मौजूद होते हैं.

डॉ कुमार के मुताबिक पहले 50 से 60 की उम्र में लोग लंग कैंसर से पीड़ित होते थे क्योंकि वे 20 साल की उम्र से स्मोकिंग शुरू करते थे. कैंसरकारकों से कैंसर होने में 25-30 साल लग जाते हैं. इसलिए 20 की उम्र में एक्सपोजर शुरू होने के बाद इसमें 30 साल जोड़ें और इस तरह करीब 50 की उम्र तक लंग कैंसर होता था.

अब ये हो रहा है कि हमारा एक्सपोजर जन्म के साथ ही हो रहा है. अगर आप जन्म के साथ स्मोकिंग के संपर्क में आ रहे हैंतो 25 या 30 की उम्र तक आपको लंग कैंसर हो सकता है.
डॉ अरविंद कुमार, लंग सर्जन और लंग केयर फाउंडेशन के फाउंडर

क्या हो सकता है #PollutionKaSolution?

डॉ कुमार के मुताबिक धुएं के हर स्रोत पर नजर रखने की जरूरत है.

आप घर में रोज सुबह 4 अगरबत्ती जलाते थे,वो जलाना आपने बंद कर दिया. आपने घर में पीएम 2.5 का लेवल कम से कम 20% कम कर दिया. ये मैंने अपने घर में मॉनिटर लगा कर ये देखा है.
डॉ अरविंद कुमार, लंग सर्जन और लंग केयर फाउंडेशन के फाउंडर

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कैमरा: शिव कुमार मौर्य

वीडियो एडिटर: दीप्ति रामदास

प्रोड्यूसर: देवीना बख्शी

(एयर पॉल्यूशन पर फिट ने #PollutionKaSolution कैंपेन लॉन्च किया है. आप भी हमारी इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं. आप #AirPollution को लेकर अपने सवाल, समाधान और आइडियाज FIT@thequint.com पर भेज सकते हैं.)

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