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क्लीन ईटिंग के लिए अपने आहार में शामिल करें ये 15 खाद्य पदार्थ

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क्लीन ईटिंग के लिए अपने आहार में शामिल करें ये 15 खाद्य पदार्थ

क्लीन ईटिंग (clean eating) खानपान की एक पद्धति है, जिसमें प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का कम से कम इस्तेमाल किया जाता है.

‘क्लीन फूड’ ताजा फल और सब्जियां, फलिया, नट्स, सीड्स और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थों पर केंद्रित होता है. इसमें सोडियम की मात्रा पर नियंत्रण रखा जाता है और शुगर व मीट का सेवन कम किया जाता है.

पेश है ऐसे ही 15 फूड आइटम्स की लिस्ट:

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1. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाने योग्य फूल (एडिबल फ्लार्स)

फूलों में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो हृदय रोग और कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं.
फूलों में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो हृदय रोग और कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं.
(फोटोः iStockphoto)

एडिबल फ्लार्स सिर्फ डिश या व्यंजन को सजाने या उन्हें अलग दिखाने के लिए नहीं हैं. अब इससे आगे सोचने का समय आ गया है. खाने को नया रंग-रूप देने के साथ ही ये स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद हो सकते हैं.

फूलों में एंटीऑक्सीडेंट्स बहुत अधिक मात्रा में होता है, जिससे हृदय रोग और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है. इनमें कैल्शियम, जिंक, मैग्नेशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं. साथ ही विटामिन ए, सी, ई और आंशिक विटामिन डी भी पाया जाता है.

इसके अलावा इनमें फाइबर होता है और वहीं फैट बिल्कुल शून्य होता है. ये दोनों चीजें संतुलित खाने के हिसाब से बेहतर होती हैं.

केले के फूल, बरिज (नीले फूलों वाला पौधा जिसकी पत्तियों का सलाद में प्रयोग किया जाता है), गुलाब, गेंदा, कैमोमाइल और लैवेंडर कुछ बेहतर विकल्प हैं, जिन्हें खाने में प्रयोग किया जा सकता है.

2. मशरूम

मशरूम आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी करता है
मशरूम आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी करता है
(फोटोः Pixabay)

ज्यादातर शहरी इलाकों में मशरूम एक पॉपुलर हेल्थ फूड है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में मशरूम आज भी सामान्य भोजन में शामिल नहीं किया जाता. विश्वास कीजिए, अब बदलाव का समय आ गया है. मशरूम को नकारने का मतलब है स्वास्थ के कई गुणों वाले भोजन को खोना.

मशरूम से बेहतरीन गुण वाला प्रोटीन मिलता है. इसमें कैलोरी (250 ग्राम से सिर्फ 80 कैलोरीज मिलती हैं) कम होती है. इसमें फैट और कोलेस्ट्रॉल भी नहीं होता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन डी पाया जाता है. ये आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को जबरदस्त रूप से बढ़ाने में भी मदद करता है.
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3. प्रोटीन से भरपूर टोफू

टोफू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है.
टोफू प्रोटीन का अच्छा स्रोत है.
(फोटोः iStock)

जो काम मीट कर सकता है, वह टोफू भी कर सकता है. यह अनेक गुणों वाला खाद्य पदार्थ है.

प्रोटीन का अच्छा स्रोत होने के साथ ही यह आयरन, कैल्शियम और मैग्नीज, सेलेनियम और फॉस्फोरस जैसे कई तरह के मिनरल्स का बेहतर स्रोत है. ये फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भी भरपूर होता है.

4. घर में जमाई गई दही

दही, कैल्शियम और प्रोटीन के साथ ही आंत के लिए भी फायदेमंद है.
दही, कैल्शियम और प्रोटीन के साथ ही आंत के लिए भी फायदेमंद है.
(फोटोः iStock)

दूध से जमाई गई दही में दो विशिष्ट प्रकार के बैक्टीरिया - स्ट्रेप्टोकस थर्मोफीलस और लैक्टोबैसिलस बुल्गारिकस पाए जाते हैं. यह आवश्यक रूप से हमारे मुख्य भोजन, लंच और डिनर दोनों का हिस्सा होना चाहिए.

दही, कैल्शियम और प्रोटीन के अच्छे स्रोत होने के साथ ही आंत के लिए भी फायदेमंद है. लेकिन जहां तक संभव हो घर में ही जमाई दही का प्रयोग करें.

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5. टमाटर: दिल को दुरुस्त रखने के लिए

टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो दिल की बीमारियों की रोकथाम में मदद करता है.
टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो दिल की बीमारियों की रोकथाम में मदद करता है.
(फोटोः Pexel)

अगर आप टमाटर खाने के पहले से शौकिन नहीं हैं तो अपनी पसंद को बदलें. रिसर्च के मुताबिक टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन (जो टमाटर में भरपूर होता है) का संबंध दिल की बीमारियों की रोकथाम से है.

वास्तव में लाइकोपीन विटामिन ई की तुलना में दस गुना अधिक शक्तिशाली पाया गया है. हल्के तेल के साथ पकाने से इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. गर्मी से इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ जाते हैं, जबकि थोड़ा तेल इसको पचाने में मदद करता है.

6. कूटू या फाफरा

कूटू ब्लड सर्कुलेशन में सुधार और ब्लड ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखता है.
कूटू ब्लड सर्कुलेशन में सुधार और ब्लड ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखता है.
(फोटोः विकिपीडिया कॉमन्स)

कूटू या फाफरा वास्तव में एक अनाज नहीं बल्कि एक बीज है. जापानियों ने इसे एक प्रकार के नूडल्स (सोबा) में बदल दिया, लेकिन भारत में हम इसे अधिकतर आटे के रूप में ही प्रयोग करते हैं.

कूटू वेजिटेरियन प्रोटीन (100 ग्राम में 12 ग्राम प्रोटीन) के अच्छे स्रोत के साथ ही ब्लड सर्कुलेशन में सुधार, ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम रखने और ब्लड ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखता है. इसके साथ ही यह ग्लूटेन-फ्री होता है.
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7. चना

 चना फाइबर से भरपूर होने के साथ ही हार्ट के लिए भी बहुत हेल्दी है.
चना फाइबर से भरपूर होने के साथ ही हार्ट के लिए भी बहुत हेल्दी है.
(फोटोः pexel)

चना फाइबर से भरपूर होता है, कम मात्रा में ही इसका सेवन करने से आपका पेट भर सकता है. रिसर्च में यह पाया गया है कि चना खाने के बाद स्नैक्स की तलब कम होती है. ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम रखता है, इस वजह से यह हार्ट के लिए बहुत हेल्दी है.

8. चुकंदर

चुकंदर ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
चुकंदर ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
(फोटोः iStock)
चुकंदर में मौजूद अधिक नाइट्रेट की मात्रा शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाती है. यह रक्त वाहिकाओं को आराम देने के साथ ही फैलने में मदद करता है. इससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है.

चुकंदर में बीटेन एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है, जो कि एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों वाला है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखता है.

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9. पालक

पालक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद फाइट्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है. 
पालक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद फाइट्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है. 
(फोटोः iStock)

पालक के हरे पत्तों को भले ही सबसे कम तवज्जो दी जाती है. लेकिन पालक न सिर्फ प्रोटीन का बड़ा स्रोत है बल्कि इसमें व्यापक रूप से एंटीऑक्सीडेंट भी मिलता है.

पालक, स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद फाइट्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है. इसमें पहले से चिह्नित एक दर्जन से अधिक कैंसर रोधी वाहक और दिल को स्वस्थ रखने वाले फोलेट होते हैं. यह विटामिन ए (कैरोटेनॉइड्स) से भरपूर होता है.

दो कैरोटेनॉइड्स- ल्यूटिन और ज़ियेजैंथिन आंखों की रोशनी के लिए अच्छा होता है.

10. शिमला मिर्च

शिमला मिर्च में विटामिन सी की मात्रा अधिक पाई जाती है.
शिमला मिर्च में विटामिन सी की मात्रा अधिक पाई जाती है.
(फोटोः Flickr)

शिमला मिर्च में मेटाबॉलिज्म बढ़ाने वाल तत्व डाइहाइड्रोकैप्सिएट पाया जाता है. जो आपको पतला होने में मदद करता है.

शिमला मिर्च में विटामिन सी भी अधिक मात्रा में होता है. इस सब्जी को एक-एक कप दिन में तीन बार खाने से एक दिन की जरूरी विटामिन सी की पूर्ति हो जाती है. यह महत्वपूर्ण न्यूट्रिएंट स्ट्रेस हार्मोन्स से लड़ता है, जिससे शरीर के मध्य भाग में वसा एकत्रित नहीं होती है.
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11. अंकुरित भूरे चावल

चावल के अंकुरित होने से उसमें फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है 
चावल के अंकुरित होने से उसमें फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है 
(फोटोः iStock)

स्वास्थ्य के लिहाज से ब्राउन राइस एक बेहतरीन विकल्प है. इसे अंकुरित करने से फायदे और भी बढ़ जाते हैं.

चावल को अंकुरित करने से उसमें फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स (डायबिटीज से बेहतर तरीके से लड़ने में मददगार) कम हो जाता है. यह दिल की बीमारी के खतरे को कम करने और अवसाद व थकान से लड़ने में भी मददगार होता है.

12. चौलाई (ऐमरैन्थ)

चौलाई अधिक प्रोटीन से भरपूर पौधे पर आधारित भोजन है.
चौलाई अधिक प्रोटीन से भरपूर पौधे पर आधारित भोजन है.
(Photo: iStock)

सब्जी और अनाज के रूप में उपयोग होने वाला चौलाई सबसे अधिक प्रोटीन वाला पौधा आधारित भोजन है.

इस अनाज में उत्कृष्ट प्रोटीन के साथ ही कैल्शियम, पोटेशियम और आयरन के साथ ही काफी मात्रा में विटामिन ई और मैग्नेशियम पाया जाता है.चौलाई के तेल और पेप्टाइट के एंटी इन्फलेमेटरी गुण के कारण यह दर्द दूर करने व सूजन कम करने में मदद करता है.
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13. सत्तू

सत्तू वजन नियंत्रित रखने वालों के साथ-साथ मसल्स बनाने वालों के लिए फायदेमंद है. 
सत्तू वजन नियंत्रित रखने वालों के साथ-साथ मसल्स बनाने वालों के लिए फायदेमंद है. 
(Photo: iStockphoto)

सत्तू एक हाई एनर्जी और प्रोटीन फूड है. जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, कैल्शियम, वसा और विटामिन जैसे सभी आवश्यक तत्वों का बेहतरीन मिश्रण है.

सत्तू वजन नियंत्रित रखने वालों के साथ ही मसल्स बनाने वालों के लिए भी फायदेमंद है. 100 ग्राम सत्तू में 23 ग्राम प्रोटीन (और 350 कैलोरीज) देता है.

14. कटहल

कटहल प्राकृतिक रूप से वजन कम करने में मददगार भोजन है.
कटहल प्राकृतिक रूप से वजन कम करने में मददगार भोजन है.
(फोटो: iStock)

कटहल प्राकृतिक रूप से वजन कम करने में मददगार भोजन है, यदि इसे सही तरीके से लिया जाए.

इसमें अधिक कैलोरी नहीं होती है (100 ग्राम से 90 कैलोरी मिलती है). यह सामान्य शुगर जैसे फ्रक्टोज और सुक्रोज से बना है,जो एनर्जी देने के साथ ही तुरंत ही बॉडी को रिवाइटलाइज करता है.

इसके अतिरिक्त इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास देता है. इसमें रेसवेरेट्रोल एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो वास्तव में वजन कम करने में महत्वपूर्ण है. इसे बिना तले ही खाएं.

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15. रसभरी (रस्पबेरी)

रसभरी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है
रसभरी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है
(फोटो: Pexels)

बेरीज को अपने एंटी ऑक्सीडेंट स्तर के कारण दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन स्वदेशी बेरीज, जिसे रसभरी कहते हैं, उनमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.

यह टैंगी छोटी बेरी वजन कम करने में भी मददगार है, जिसके बारे में बहुत चर्चा नहीं होती. ऐसा इसमें मौजूद नेचुरल कैमिकल के कारण होता है ,जो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को तेज करता है.

(कविता देवगन एक वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट, न्यूट्रिशनिस्ट, हेल्थ कॉलमिस्ट और ‘Don’t Diet! 50 Habits of Thin People’ किताब की लेखिका हैं. )

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