मकर संक्रांति: सेहत के लिए भी खास है ‘खिचड़ी’ का ये त्योहार

दही के साथ परोसी गई गर्मागरम लजीज खिचड़ी खाई?

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खिचड़ी चावल के साथ कई तरह की दालों से बनाई जाती है.
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हर बार नए साल का जश्न मनाए जाने के बाद मुझे इंतजार रहता है 'खिचड़ी' का. जी हां, खिचड़ी यानी मकर संक्रांति, भारत में मनाया जाने वाला ये एक खास पर्व है. इसकी धार्मिक मान्यता के साथ ही आपकी सेहत के लिए भी मकर संक्रांति का त्योहार काफी अहम है.

हमारी दादी, नानी और मां इसीलिए खिचड़ी पर हर उस चीज का ध्यान रखती हैं, जो हमें सेहतमंद रखने के लिए जरूरी है. भले ही इसके पीछे उनकी भावना धार्मिक हो, लेकिन मकर संक्रांति के मौके पर जिन चीजों को खाने का नियम बनाया गया है, उसका मकसद सर्दियों में आपको फिट रखना है.

अपनी-अपनी सुविधा के हिसाब से खिचड़ी बनाने के कई तरीके हैं. चावल के साथ कई तरह की दालों से खिचड़ी बनाई जाती है, तो कहीं बिना दाल की खिचड़ी बनाने का तरीका प्रचलित है.

मेरी मां खिचड़ी वाले दिन उरद के दाल (छिलके वाली) और चावल की खिचड़ी बनाती हैं. इसमें मटर, आलू जैसी कुछ सब्जियां भी मिलाई जाती हैं.

त्योहार के बहाने हमारी डाइट में शामिल की गई इन चीजों के एक नहीं, कई फायदे हैं. पोषण देने के साथ शरीर को गर्माहट देना और कई बीमारियों से बचाव करती हैं ये चीजें.

बनाने, खाने और पचाने में आसान खिचड़ी

खिचड़ी हाइड्रेटिंग और पौष्टिक होती है.
खिचड़ी हाइड्रेटिंग और पौष्टिक होती है.
(फोटो: iStock)

न्यूट्रिशनिस्ट कविता देवगन बताती हैं कि खिचड़ी आसानी से पच जाती है और इसके लिए शरीर को ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती. इसके अलावा ये हाइड्रेटिंग और पौष्टिक होती है. इसमें कम फैट, ज्यादा फाइबर, जरूरी विटामिन और मिनरल्स होते हैं.

दो कटोरी पकी हुई खिचड़ी (करीब 250 ग्राम) से 400 कैलोरी ऊर्जा मिलती है और जब आप इसे दही के साथ खा रहे हों, जो लजीज होने के साथ खूबसूरत भी दिखता है, तब खिचड़ी और दही से सुपर हेल्दी, पेट भरने वाला बेहतरीन भोजन तैयार हो जाता है, जिसमें पोषक तत्वों का संतुलन होता है और करीब 500 कैलोरी ऊर्जा मिलती है.
कविता देवगन, न्यूट्रिशनिस्ट

इससे आपकी प्रोटीन की जरूरत भी पूरी होती है और ये आरामदायक डिश है.

तिल और गुड़ से तैयार लड्डू

तिल दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी मददगार होता है
तिल दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी मददगार होता है
(फोटो: iStock)

इस दिन तिल के लडूड, जिन्हें तिल और गुड़ से बनाया जाता है, खाना भी जरूरी होता है. हमारे यहां गुड़ से तैयार किए गए सफेद और काले तिल, आटे, रमदाने, लाई या फरोई के लड्डू भी बनाए जाते हैं और जब तक ठंड खत्म नहीं हो जाती, तब तक यही लड्डू हमारे लिए मीठे स्नैक्स होते हैं.

कविता देवगन बताती हैं इसमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, पॉलीअनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट संतुलित मात्रा में होता है.

तिल दिल की बीमारियों से लड़ने में काफी मददगार होता है. इसमें भरपूर विटामिन B कॉन्टेंट स्किन के लिए अच्छा होता है. इसके साथ ही ये डायबिटीज और कैंसर की रोकथाम में मदद करता है.
कविता देवगन, न्यूट्रिशनिस्ट

इसमें पर्याप्त कैल्शियम होता है. इसमें लिनोलिक एसिड नाम का ओमेगा-6 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो नुकसान पहुंचाने वाले कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है.

तिल में दो खास तरह के लिग्निन भी पाए जाते हैं: सेसमिन और सेसमोलीन. इनमें कोलेस्ट्रॉल कम करने और हाई ब्लड प्रेशर से बचाव करने के प्रभाव देखे गए हैं.

गुड़ में हैं कई गुण

गुड़ शरीर को गर्म रखने और संक्रमण से लड़ने में मददगार है
गुड़ शरीर को गर्म रखने और संक्रमण से लड़ने में मददगार है
(फोटो: iStock)

गुड़ आयरन से भरपूर होता है, जो आपके रक्त में ऑक्सीजन को पंप करने की क्षमता में सुधार लाता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) को मजबूत करता है.

खाने में गुड़ की हल्की मात्रा शामिल करने से इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है. ये शरीर को गर्म रखने और संक्रमण से लड़ने में मददगार है.
हुदा शेख, न्यूट्रिशनिस्ट क्लिनिकल डायटिशियन, न्यूट्रीबॉन्ड की संस्थापक

तो इस बार पूरी सर्दी भर स्वस्थ रहने के लिए मकर संक्रांति के बहाने ही कुछ हेल्दी और टेस्टी चीजें बनाने की तैयारी कर लीजिए.

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