Pfizer-BioNTech ने कहा है कि 12-15 साल की उम्र के प्रतिभागियों में, उनकी कोरोना वैक्सीन BNT162b2 ने 100% प्रभावकारिता और मजबूत प्रतिरक्षी प्रतिक्रियाओं का प्रदर्शन किया है, जो 16-25 साल के प्रतिभागियों के ट्रायल की एनालिसिस की तुलना में ज्यादा है.
इसके साथ ही वैक्सीन अच्छी तरह से टोलरेट भी की गई.
ट्रायल में 2,260 किशोर
इस डेटा को जल्द ही अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) में सबमिट करने की योजना बनाई गई है, ताकि वैक्सीन का इमरजेंसी यूज बढ़ाया जा सके.
इस ट्रायल के लिए अमेरिका में 12 से 15 वर्ष की आयु के 2,260 किशोरों को शामिल किया गया. ट्रायल के प्लेसिबो ग्रुप (1,129) में कोरोना के 18 मामले देखे गए और वैक्सीन वाले ग्रुप (1,131) में कोरोना का कोई मामला नहीं देखा गया.
इसी आधार पर वैक्सीन की एफिकेसी 100 फीसदी बताई गई है.
कंपनियों ने 6 महीने से 11 वर्ष की आयु के बच्चों में BNT162b2 के फेज 1/2/3 स्टडी पर भी अपडेट दिया है.
Pfizer और BioNTech ने 6 महीने से 11 साल की उम्र के बच्चों में Pfizer-BioNTech COVID-19 वैक्सीन की सुरक्षा, सहनशीलता और प्रतिरक्षात्मकता का और मूल्यांकन करने के लिए ग्लोबल फेज 1/2/3 की स्टडी के तहत 5 से 11 साल की उम्र तक के प्रतिभागियों को पिछले हफ्ते से डोज देना शुरू कर दिया है.
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