बुधवार, 21 अप्रैल को, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में पहली बार वैक्सीनेशन के बाद होने वाले कोरोना संक्रमण के आंकड़ों का खुलासा किया.
क्या आप पहली और दूसरी डोज के बाद पॉजिटिव हो सकते हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोवैक्सिन और कोविशील्ड दोनों के आंकड़ों के बारे में बताया.
“COVID-19 वैक्सीन लगवाने वाले प्रति 10,000 लोगों में से 2 से 4 लोगों को संक्रमण(breakthrough infection) हुआ. ये एक कम संख्या है, इससे घबराने की कोई बात नहीं है.”बलराम भार्गव, डायरेक्टर जनरल, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR)
अगर वैक्सीनेशन के बाद भी कोई संक्रमित हो जाता है तो इसे ब्रेकथ्रू इंफेक्शन (Breakthrough infection) कहा जाता है.

(फोटो: ICMR)
आंकड़ों के मुताबिक, 1.1 करोड़ भारतीयों को कोवैक्सिन वैक्सीन लगाया गया है जबकि 11.6 करोड़ को कोविशील्ड दी गई है. इनमें से 0.04% लोग कोवैक्सिन की पहली डोज के बाद और 0.04% लोग दूसरी डोज के बाद पॉजिटिव पाए गए. कोविशील्ड के मामले में ये आंकड़े और भी कम हैं. पहली डोज के बाद 0.03% और दूसरी डोज के बाद 0.03% लोग संक्रमण से पॉजिटिव पाए गए.
संक्रमण की गंभीरता को लेकर अभी तक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं.
इन आंकड़ों का क्या मतलब है?
सरकार ने कहा कि ये संख्याएं वैक्सीन की सुरक्षा का संकेत देती हैं और ज्यादा लोगों से वैक्सीन लेने और आगे संक्रमण में उछाल को रोकने का आग्रह करती है.
डॉ. भार्गव ने बताया कि ये संख्या और भी कम हो सकती हैं क्योंकि इनमें हेल्थकेयर वर्कर भी शामिल हैं जिन्हें शॉट्स मिले लेकिन दूसरों की तुलना में संक्रमण के संपर्क में आने की दर उनमें ज्यादा थी.
पहले भी FIT इंटरव्यू में, वायरोलॉजिस्ट डॉ. शाहिद जमील ने बताया था,
“वैक्सीन संक्रमण को नहीं रोकते हैं, वे बीमारी को रोकते हैं. इसका मतलब है कि वैक्सीन गंभीर बीमारी और मौत से बचाते तो हैं लेकिन आप अभी भी संक्रमित हो सकते हैं और वायरस को दूसरों तक पहुंचा सकते हैं. इसलिए आप वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनें."डॉ. शाहिद जमील
उन्होंने बताया था कि "ऐसी स्टडी हैं जो यहां तक कहती हैं कि 1 डोज से आपको गंभीर बीमारी से सीमित सुरक्षा मिल जाती है."
ये दोनों वैक्सीन की पहली डोज के बाद संक्रमण के निम्न स्तर से साबित होता है.
उन्होंने सुझाव दिया था- 3 बिंदुओं पर स्पष्ट पब्लिक हेल्थ कम्युनिकेशन होना चाहिए:
वैक्सीन कोई जादू की गोली नहीं है- वे महामारी से लड़ने के लिए मास्किंग, हाथ धोने और दूरी के साथ काम आने वाला एक टूल है.
वैक्सीन सुरक्षित हैं और गंभीर बीमारी और मौत से बचाते हैं.
वैक्सीनेशन के बाद आपको COVID प्रोटोकॉल का पालन करना होगा और मास्क पहनना होगा.
(Subscribe to FIT on Telegram)


