वीडियो प्रोड्यूसर: हेरा खान
वीडियो एडिटर: वरुण शर्मा
देश में कोरोनावायरस डिजीज-2019 (COVID-19) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में हमारे हेल्थ केयर सिस्टम पर बोझ बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है. हल्के लक्षण के साथ लोगों को अस्पताल में भर्ती करना मुमकिन नहीं है, ऐसे हालात में क्या करें?
हम ऐसे मरीजों की घर पर देखभाल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए खास सावधानियां बरतनी होंगी.
हमें इन बातों का रखना होगा ध्यान-
अच्छे वेंटिलेटेड कमरे में मरीज को रखें.
घर पर मरीज को ज्यादा घूमने न दें. उनके लिए एक सीमित जगह तय कर दें.
घर के लोगों को दूसरे कमरे में रहना चाहिए या मरीज से करीब 1 मीटर की दूरी बनाकर रखें.
देखभाल करने वालों की संख्या ज्यादा न रखें. एक ही व्यक्ति जो स्वस्थ है, उसी को ये जिम्मेदारी दें.
जब तक मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता या फिर उसमें COVID-19 के कोई लक्षण नहीं दिखते तब तक मरीज से किसी को मिलने न दें.
अगर मरीज से किसी भी तरह का कॉन्टैक्ट होता है तो अपने हाथों को अच्छे से धोएं.
साबुन से हाथ धोने के बाद पेपर टॉवल के इस्तेमाल पर जोर दें ताकि उसे इस्तेमाल के बाद फेंका जा सके.
रेस्पिरेटरी सेक्रेशन फैले न इसके लिए मरीज को मास्क पहनाएं और रोज उसे बदले.
मरीज की देखभाल करने वालों को मास्क पहनना चाहिए जो उनके मुंह और नाक को ढकें. साथ ही मरीज के कमरे में रहते वक्त मास्क को किसी भी तरह से न छूएं.
मास्क या ग्लव्स को दोबारा इस्तेमाल न करें. ये जरूरी है कि इस्तेमाल के बाद मास्क को बंद डस्टबिन में फेंका जाए.
मरीज के कमरे में ज्यादा छुई जाने वाली जगहों की रोज सफाई होनी चाहिए.
बाथरूम और टॉयलेट सर्फेस की रोजाना कम से कम एक बार सफाई जरूरी.
मरीज के कपड़ों को अच्छे से धोना जरूरी है. उसके बिस्तर, हैंड टॉवल को लॉन्ड्री साबुन या मशीन में 60 से 90 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पानी में धोएं.
टूथब्रश, सिगरेट, प्लेट, टॉवल, चादर, वगैरह को मरीज से दूर रखें.
24 घंटे के अंतराल में लिए गए सैंपल की PCR से 2 बार टेस्टिंग में रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मरीज को आइसोलेशन से बाहर कर सकते हैं.
इन एहतियातों का सख्ती से पालन जरूरी!
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