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हाई यूरिक एसिड को कैसे कंट्रोल में रखें, जानें एक्स्पर्ट से

हाई यूरिक एसिड के स्तर को घटाने के तरीके कई हैं, एक्स्पर्ट्स से जानें उनके बारे में.

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हाई यूरिक एसिड को कैसे कंट्रोल में रखें, जानें एक्स्पर्ट से
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आज हम आपको हाई यूरिक एसिड के बारे में बताएंगे. शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना एक गंभीर परेशानी बन सकता है. इसकी वजह से गाउट, किड्नी स्टोन, ब्लैडर स्टोन जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं. सही जानकारी हमें इन गंभीर बीमारियों से बचा सकती हैं.

आइए जानते हैं, क्या है यूरिक एसिड और शरीर में इसके बढ़ने की वजह क्या है? साथ ही जानते हैं, इसे कंट्रोल में रखने के लिए क्या करें और क्या नहीं.

यूरिक एसिड के बढ़े हुए स्तर का वैज्ञानिक नाम हाइपरयूरिसीमिया (Hyperuricemia) है.

शरीर में कैसे बनता है यूरिक एसिड

<div class="paragraphs"><p>यूरिक एसिड क्रिस्टलस पेशाब में&nbsp;</p></div>

यूरिक एसिड क्रिस्टलस पेशाब में 

(फ़ोटो:iStock)

"यूरिक एसिड एक तरह का वेस्ट प्रोडक्ट है, जो शरीर में प्यूरीन नाम के तत्व के टूटने से बनता है. अधिकतर यूरिक एसिड किडनी द्वारा फिल्टर होकर पेशाब के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाता है. लेकिन शरीर में जब यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, तो किडनी भी इसे फिल्टर करने में सक्षम नहीं रहती. इसके कारण यह क्रिस्टल्स के रूप में टूटकर हड्डियों के बीच में इकट्ठा होने लगता है. मेडिकल टर्म में हाई यूरिक एसिड को हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है" ये कहना है, पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना के युरॉलजी, नेफ़रोलोजी और ट्रैन्स्प्लैंटेशन के डायरेक्टर, डॉ अजय कुमार का.

शरीर में मौजूद यूरिक एसिड जब निश्चित मात्रा में हो तो कोई समस्या नहीं होती लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाए तो आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है

शरीर में यूरिक एसिड की सामान्य मात्रा कितनी होनी चाहिए

शरीर में यूरिक एसिड का पता लगाने के लिए विशेषज्ञ मरीज़ को ब्लड टेस्ट के लिए कह सकते हैं, जिसके माध्यम से पता लग जाता है कि मरीज के रक्त में यूरिक एसिड का स्तर क्या है.

महिलाओं और पुरुषों के सामान्य यूरिक एसिड के मानक भिन्न हैं, सामान्य तौर पर अगर मरीज के यूरिक एसिड का स्तर इन मानकों से ऊपर है, तो उसके लिए विशेषज्ञ से ज़रूर मिलें.

  • महिलाओं के लिए, यह 6 mg / dL से अधिक है

  • पुरुषों के लिए, यह 6.5 mg / dL से अधिक है

हालाकि यूरिक एसिड के स्तर को जाँचने वाले लैबों के मानक में भिन्नता देखी जा सकती है.

हाई यूरिक एसिड होने पर क्या होता है

<div class="paragraphs"><p>हाई यूरिक एसिड से होती&nbsp;गाउट की समस्या&nbsp;</p></div>

हाई यूरिक एसिड से होती गाउट की समस्या 

(फ़ोटो:iStock)

हाई यूरिक एसिड होने पर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उनमें से कुछ ये हैं:

  • गाउट- मरीज के रक्त में यूरिक एसिड का स्तर उपर्युक्त मानकों से अधिक पाये जाने पर कई समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे- रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से शरीर में इसके क्रिस्टल बन जाते हैं और वे शरीर के जोड़ जैसे हाथ-पैरों की उँगलियों के जोड़ों को प्रभावित कर ‘गाउट’ (gout) जैसी बीमारी का रूप ले लेते हैं. यह शरीर की हड्डियों के जोड़ो में होने वाली एक बीमारी है, जिसमें जोड़ों में तेज़ दर्द, हिलाने में असमर्थता और सूजन आ जाती है।

  • किडनी स्टोन- हाई यूरिक एसिड होने पर किडनी की बीमारी जैसे किडनी स्टोन हो सकता है. अक्सर ये स्टोन छोटे होते हैं, जो पेशाब के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं लेकिन जब यह बड़े हो जाते हैं, तो मूत्र-प्रणाली के किसी भी अंग में रुकावट का कारण बन सकते हैं. जिसकी वजह से हमारे शरीर को गंभीर परिणाम का सामना करना पड़ सकता है.

  • ब्लैडर स्टोन- ब्लैडर स्टोन (Urinary Tract Stone) ऐसी स्थिति को कहते हैं, जब आपके ब्लैडर में ठोस मिनरल्स जम जाते हैं. ये परेशानी ब्लैडर को पूरी तरह से हानि पहुंचाने की क्षमता रखती है.

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हाई यूरिक एसिड बढ़ने के कारण

<div class="paragraphs"><p>मोटापा एक बड़ा कारण हाई&nbsp;यूरिक एसिड का&nbsp;</p></div>

मोटापा एक बड़ा कारण हाई यूरिक एसिड का 

(फ़ोटो:iStock)

"यूरिक एसिड का स्तर तब बढ़ता है, जब शरीर में प्यूरीन अधिक बनता है या भोजन के माध्यम से अधिक प्यूरीन लिया जाता है. इसके अलावा किडनी की कार्यक्षमता कम होने के कारण भी यूरिक एसिड के स्तर में बढ़ोत्तरी होती है" ये कहना है, डॉ. रजिवा गुप्ता, वाइस चेयरमैन, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एंड रुमेटोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम का.

कभी-कभी ऐसा भी देखा गया है कि दोनों स्थितियाँ एक साथ हो जाती हैं. ये कुछ कारण हैं, जो यूरिक एसिड बढ़ाते हैं:

  • मरीज का वजन अधिक होना या मोटापा

  • अधिक प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना

  • शराब का सेवन करना

  • जेनेटिक कारण

  • हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)

  • किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाना

  • कैंसर जैसी बीमारियों में यूरिक एसिड बढ़ जाता है

"कई बार हाई यूरिक एसिड का कारण जेनेटिक भी होता है". ऐसे में ज़रूरी है, ध्यान रखने की और लक्षणों का आभास होते ही डॉक्टर से संपर्क करने की".
डॉ. रजिवा गुप्ता, वाइस चेयरमैन, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एंड रुमेटोलॉजी, मेदांता हॉस्पिटल, गुरुग्राम

हाई यूरिक एसिड का इलाज

<div class="paragraphs"><p>हाई यूरिक एसिड होने पर डॉक्टर से संपर्क करें&nbsp;</p></div>

हाई यूरिक एसिड होने पर डॉक्टर से संपर्क करें 

(फ़ोटो:iStock)

मरीज़ का इलाज उसकी बीमारी के कारण और लक्षणों पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर हाई यूरिक एसिड के कारण होने वाली समस्या है- गाउट, ब्लैडर स्टोन और किडनी स्टोन.

इन परिस्थितियों के लिए डॉक्टर दवा, सर्जरी और स्वास्थ्य जीवनशैली की सलाह देते हैं. इसलिए ऊपर बताए गए लक्षणों का आभास होने पर डॉक्टर से संपर्क करें.

"जीवनशैली में बदलाव से हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल में लाया जा सकता है. मोटापे से बचें और खानपान का ध्यान रखें"
डॉ अजय कुमार, डायरेक्टर, युरॉलजी, नेफ़रोलोजी और ट्रैन्स्प्लैंटेशन ,पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना

हाई यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए

<div class="paragraphs"><p>लाल मांस से बढ़ता यूरिक एसिड</p></div>

लाल मांस से बढ़ता यूरिक एसिड

(फ़ोटो:iStock)

"कुछ निश्चित आहार संबंधी प्रतिबंध या सलाहों से बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है. यदि मरीज़ को हाइपरयुरिसीमिया के साथ-साथ गाउट भी है, तो आहार के माध्यम से वह गाउट से होने वाली क्षति को रोक अथवा कम कर सकता है" ये कहना है डॉ अजय कुमार का.

बीमारी में ज़रूरी है कि मरीज डॉक्टर के बताए डाइट का पालन करें. जानें क्या हैं वे खाद्य पदार्थ जिन्हें हाई यूरिक एसिड की स्तिथि में खाने से बचना चाहिए.

  • लाल मांस (red meats)

  • प्रोसेस्ड फूड्स

  • समुद्री भोजन (sea food)

  • पालक, मटर, बीन्स और मशरूम

  • सेम जैसी फलियाँ

  • बीयर और मादक पेय (alcoholic beverages)

हाई यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए

<div class="paragraphs"><p>विटामिन-सी युक्त फल फ़ायदेमंद है&nbsp;</p></div>

विटामिन-सी युक्त फल फ़ायदेमंद है 

(फ़ोटो:iStock)

डॉ.अजय कुमार ने हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए इन खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी.

  • विटामिन-सी जैसे संतरा, अनानास, स्ट्रॉबेरी, टमाटर और एवोकाडो खाएं

  • पर्याप्त पानी पिएं

  • कम वसा वाले डेयरी उत्पाद जैसे- दूध, दही और पनीर खाएं

  • हाई फ़ाइबर फ़ूड लें

  • सहजन (drumsticks) खाएं

  • सभी तरह के फल और उनके जूस का सेवन करें

  • कॉफी पिएं

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