सेक्सॉल्व: ‘मैंने प्रेग्नेंसी के दौरान दूसरे आदमी से सेक्स किया’
आपने उस वक्त जो किया, उसके लिए अब खुद को सजा न दें.
आपने उस वक्त जो किया, उसके लिए अब खुद को सजा न दें.

सेक्सॉल्व: ‘मैंने प्रेग्नेंसी के दौरान दूसरे आदमी से सेक्स किया’

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का फिट पर सवाल-जवाब आधारित कॉलम है.

अगर आपको सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़ी कोई परेशानी है, कोई उलझन है, जिसे आप हल नहीं कर पा रहे हैं या आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें, और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

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मैं ‘छोटू’ हूं और बहुत जल्द स्खलित हो जाता हूं. क्या मैं गे हूं?

आपके पेनिस की लंबाई या आपको कितनी देर में ऑर्गेज्म मिलता हैं, यह आपकी सेक्शुअलटी का पैमाना नहीं है.
आपके पेनिस की लंबाई या आपको कितनी देर में ऑर्गेज्म मिलता हैं, यह आपकी सेक्शुअलटी का पैमाना नहीं है.
(फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मैं उत्तर भारत का 21 वर्षीय पुरुष हूं. मैं अभी एक छात्र ही हूं. मेरी एक छोटी सी सेक्स समस्या है.

मेरा पेनिस एक बच्चे जितना छोटा है.

यहां तक कि जब मैं उत्तेजित होता हूं, तो भी यह केवल 5.5 इंच का होता है, असल में जब मैं मास्टरबेशन करता हूं तो यह बढ़कर 5.5 इंच होता है और ऐसा केवल एक या दो मिनट रहता है.

सर मुझे जानना है कि क्या मैं गे हूं? और सर, क्या मुझे यह बात अपने मां-बाप को बतानी चाहिए? क्या मुझे शादी करनी चाहिए? चूंकि मैं अपनी बीवी को परेशान नहीं करना चाहता और उसकी जिंदगी को बर्बाद नहीं करना चाहता हूं, मुझे यकीन है कि आप कोई हल ढूंढने में मेरी मदद करेंगे. कृपया मुझे इस समस्या का समाधान बताएं. मैं सांसें थाम कर आपके जवाब का इंतजार कर रहा हूं.

धन्यवाद.

सादर,

छोटी सी समस्या

डियर छोटी सी समस्या,

मुझे लिखने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया. मैं समझता हूं कि कभी-कभी हम अपने महत्वपूर्ण सेक्शुअल अंगों की तुलना दूसरों से करते हैं और सोचते हैं कि हमारे अंग छोटे हैं. सबसे पहले तो मैं आपकी चिंता को यह कह कर शांत करना चाहता हूं कि 5.5 इंच उतना भी छोटा नहीं है, जितना आप सोचते हैं.

आपके पेनिस की लंबाई या आप कितनी देर में ऑर्गेज्म पा जाते हैं, ये आपकी सेक्शुअलटी का पैमाना नहीं है. मेरा मतलब है, ऐसा नहीं है कि छोटे पेनिस और जल्द स्खलित होने वाले लोग गे हैं. यह सोच गलत है.

मैं ऐसे गे पुरुषों के बारे में जानता हूं, जिनका छोटा और बड़ा है, लंबा और नाटा है, देर से और जल्दी स्खलित होता है. मैं हर तरह के गे पुरुषों को जानता हूं.

आपकी सेक्शुअलटी, अगर आप इसे परिभाषित करना चाहते हैं, तो आप जिस व्यक्ति के प्रति आकर्षित हैं, उसके जेंडर के आधार पर तय होती है- असेक्शुअल, होमोसेक्शुअल, हेट्रोसेक्सुअल या बाईसेक्शुअल या कोई भी दूसरी सेक्शुअलटी. मैं दोहराता हूं कि इसका संबंध बस आपके सहज आकर्षण से है, मैं फिर से दोहराता हूं, इसका आपके पेनिस की लंबाई या सेक्शुअल टिकाऊपन से कोई लेना-देना नहीं है.

अपने आप को यह समझने के लिए वक्त दें कि आप सच में किसके प्रति आकर्षित महसूस करते हैं. अगर आपको लगता है कि आप गे हैं, तो हम खुद को उजागर करने के बारे में कदम उठाने के मुद्दे को देखेंगे. फिलहाल तो, आराम करें और शादी या दूसरी चीजों के बारे में ना सोचें. आप अभी सिर्फ 21 के हैं. कॉलेज जाओ, मजे करो, इश्क करो, जानो. अभी गंभीर बातों के बारे में न सोचो. वक्त पर छोड़ दो.

मुस्कान के साथ,

रेनबोमैन

अंतिम बातः जबकि अभी आप जवान हो, अपनी जवानी के मजे लो. यह वक्त लौट कर नहीं आएगा.

मेरी बीवी की वजाइना ड्राई है, मुझे क्या करना चाहिए?

 आपने लिखा है कि आपको सेक्स में क्या पसंद है और आपकी बीवी आपको कैसे संतुष्ट करती है. क्या आपने कभी सोचा है कि उसको ऑर्गेज्म किस चीज से मिलता है?
आपने लिखा है कि आपको सेक्स में क्या पसंद है और आपकी बीवी आपको कैसे संतुष्ट करती है. क्या आपने कभी सोचा है कि उसको ऑर्गेज्म किस चीज से मिलता है?
(फोटो: iStockphoto) 

डियर रेनबोमैन,

मैं बीते छह सालों से एक समस्या का सामना कर रहा हूं. मेरी उम्र 64 साल है और मेरी बीवी 62 साल की है. लगभग 46 साल की उम्र में उसका मेनोपॉज हो गया था. हम दोनों ने अच्छी सेक्स लाइफ का आनंद लिया है और अभी भी एक्टिव हैं. लेकिन पिछले छह वर्षों से, उसकी वजाइना में ड्राइनेस आ गई है. वह मेरे साथ सभी सेक्शुअल एक्टिविटी में हिस्सा लेती है, लेकिन मुझे पेनिट्रेशन नहीं करने देती है. वह कहती है कि अगर मैं एक इंच भी दाखिल होता हूं तो उसे बहुत तकलीफ होती है. फिर वह दूसरे तरीकों से मुझे संतुष्ट करने की कोशिश करती है जैसे कि ओरल सेक्स वगैरह.

लेकिन मुझे तब तक पूरी संतुष्टि नहीं मिलती, जब तक मैं पेनिट्रेट न कर लूं. मैंने लुब्रिकेशन का इस्तेमाल किया, लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं हुआ. मुझे नहीं पता कि उसका इनकार शारीरिक है या मनोवैज्ञानिक या क्या मुझमें ही कोई मनोवैज्ञानिक समस्या है कि मैं जब तक पूरा पेनिट्रेट ना कर लूं और अंदर डिसचार्ज नहीं कर लूं, मुझे संतुष्टि नहीं मिलती?

मैं पिछले छह सालों में कभी संतुष्ट नहीं हो सका. इससे मुझे बेकार के सेक्शुअल ख्याल भी आते हैं और मैं बेचैन रहता हूं. पूरे पेनिट्रेशन के साथ एक अच्छा सेशन मानसिक और शारीरिक सुकून देता है, जो मुझे नहीं मिल रहा है.

वह इस उम्र में इस तरह की समस्या को लेकर डॉक्टर के पास जाने के लिए तैयार नहीं है.

कृपया मदद कीजिए.

धन्यवाद,

ओल्ड मैन

डियर ओल्ड मैन,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. मुझे खुशी है कि जब प्यार के इजहार की बात आती है, तो आप उम्र को रुकावट नहीं बनने देते. सेक्स करना एक तरह के प्यार का ही इजहार है और मेरी ख्वाहिश है कि काश हर शख्स इसे ऐसे ही देखता.

शुरू में ही, मुझे आपको बता देना चाहिए कि मैं सेक्सोलॉजिस्ट नहीं हूं, वजाइना में ड्राइनेस और दूसरी समस्याओं के बारे में एक क्वालिफाइड डॉक्टर से सलाह लें.

हम सभी की फैंटेसी अलग-अलग तरह की होती हैं. या कह सकते हैं कि फैंटेसी समुंदर की दो लहरों जैसी अलग-अलग है, हालांकि, जब कोई युगल सेक्शुअल संबंध बनाता है, तो संतुष्टि दोनों पार्टनर्स के नजरिए से देखी जानी चाहिए.

आपने लिखा है कि आपको सेक्स में क्या पसंद है और आपकी बीवी आपको संतुष्ट करने के लिए क्या करती हैं. क्या मैं इसकी बजाए आपसे ये पूछ सकता हूं... क्या आपने सोचा है कि उनको क्या ऑर्गेज्म देता है? क्या आपने उनसे जानने की कोशिश की? मेरा सुझाव है कि आप उनके प्लेजर प्वाइंट और उनकी सेक्शुअल संतुष्टि के नजरिये से चीजों को देखने की कोशिश करें.

कभी-कभी सहानुभूति भरा रवैया सेक्शुअल संतुष्टि में काफी मददगार हो सकती है. कभी-कभी यह समझना कि हमारा पार्टनर क्या चाहता है, एक संतोषजनक सेक्शुअल रिलेशनशिप तक ले जा सकता है.

मेरा सुझाव है कि आप सहानुभूति का तरीका आजमाएं और हर बार जब आपके मन में ये सवाल आए कि, “मैं अपने पार्टनर के साथ इस सेक्शुअल एक्टिविटी से क्यों संतुष्ट नहीं हूं?” तो इसके बजाए खुद से पूछें, “मैं अपने पार्टनर की सेक्शुअल ख्वाहिशों को बेहतर ढंग से कैसे समझ और संतुष्ट कर सकता हूं?”

अगर वह चाहें तो उनके साथ किसी सेक्सोलॉजिस्ट या स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलने में हिचकिचाएं नहीं. किसी भी उम्र में सेक्स संबंध रखने में कोई शर्म नहीं है, जब तक यह सम्मान के साथ और आपसी रजामंदी से है.

सप्रेम,

रेनबोमैन

अंतिम बातः अपनी पार्टनर से पूछें कि उसे क्या पसंद है.

जब मैं प्रेग्नेंट थी तो मैंने दूसरे शख्स के साथ सेक्स किया था

‘मैं शायद इसके लिए कोई सफाई नहीं दे सकती. लेकिन मैंने अपने पति से बेवफाई की.’
‘मैं शायद इसके लिए कोई सफाई नहीं दे सकती. लेकिन मैंने अपने पति से बेवफाई की.’
(फोटो: iStockphoto) 

डियर रेनबोमैन,

मैं 29 साल के लड़के की मां हूं. मैं विधवा हूं. मैंने शादी के एक साल बाद अपने पति को खो दिया था, जब मेरा बच्चा गर्भ में था.

मेरे पति ने ढेर सारी बीमा पॉलिसियां ले रखी थीं, जिससे हमारा खर्च चलता रहा और मेरे बेटे ने पढ़ाई पूरी की. मेरे पति हमसे बहुत जल्द बिछड़ गए, लेकिन उन्होंने हमें पैसों की कमी नहीं होने दी. तब से, मैंने सिर्फ खुद की आजादी के लिए एक नौकरी कर ली.

जो बात मैं आपके साथ साझा कर रही हूं, उसे लिखने के लिए मुझे बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी. मेरी प्रेग्नेंसी के दो महीने बाद मेरे पति बहुत बीमार पड़ गए. मैं अपने पति के सबसे अच्छे दोस्त के साथ काफी समय बिताती थी. एक रात जब मेरे पति अस्पताल में थे, तो उनके दोस्त ने मुझे घर पहुंचाया, मैं जवान थी, हताश थी और बहुत बेचैन थी. उनके दोस्त ने मुझे दिलासा दिया और बात आगे बढ़ती चली गई और हमने सेक्स किया. उस समय मेरे पति का बच्चा मेरे गर्भ में था.

मैं शायद इसके लिए कोई सफाई नहीं दे सकती. सच यही है कि मैंने अपने पति से बेवफाई की. मेरे पति की कुछ ही दिनों में मौत हो गई. मैंने उनके दोस्त से किनारा कर लिया.

आज, 29 साल बाद, मेरे बेटे ने मेरे सामने खुद को गे बताया है, मैंने उसे स्वीकार कर लिया. लेकिन मैं खुद से पूछ रही हूं कि क्या इन दो चीजों के बीच आपस में कोई संबंध है? क्या मेरे पति के दोस्त का स्पर्म मेरे पति के स्पर्म के साथ मिल गया, जिससे मेरा बेटा गे हो गया? मुझे नहीं पता, मुझे लगता है कि अपने बेटे के गे होने के लिए मैं जिम्मेदार हूं. क्या आप मुझे बता सकते हैं कि क्या ऐसा है?

सादर

फिक्रमंद मां

डियर फिक्रमंद मां,

अपने बारे में ऐलान पर आपके बेटे को बधाई और आपको बधाई कि आपके बेटे ने सच्चाई को स्वीकार करने और खुद के बारे में बताना का साहस पाया.

ये कोई मामूली बात नहीं है. खुद को स्वीकार करना अपने आप में हिम्मत का काम है, अपने करीबियों के सामने स्वीकार करना, एक कदम और आगे की बात है.

आपने एक मुश्किल जीवन जिया है. कम उम्र में किसी ऐसे को खोना जिसे आप प्यार करते हैं, तबाह करने वाला हो सकता है. मुझे बहुत खुशी है कि आपने खुद को संभाला और एक खूबसूरत बेटे को पाला, जो आज अपने सच को बोलने की हिम्मत रखता है, चाहे वह सच कितना ही अलग क्यों न हो. इसका श्रेय खुद को दें.

आपने अपने पति के दोस्त के साथ एक लम्हा गुजारा था. हममें से कोई भी फरिश्ता नहीं है. हम सभी की जिंदगी में ऐसे लम्हे आते हैं जब हम चैन पाने या प्यार की ख्वाहिश करते हैं. आप तब एक नाजुक लम्हे में थीं और आपने वही किया जैसा आपके दिल ने आपसे कहा.

मेरी गुजारिश है कि आप अपने पति के दोस्त के साथ सेक्स के लिए अपराधबोध न पालें. उस लम्हे को पाकीजगी से देखें. मेरे हिसाब से, अपराधबोध एक ऐसी भावना है, जो मरहम लगाने से कहीं ज्यादा चोट पहुंचाती है.

वर्तमान में जिएं. भविष्य के लिए तैयारी करें.

आपने उस वक्त जो किया, उसके लिए अब खुद को सजा न दें.

खुद को प्यार दें, खुद को वक्त दें. आइने में जो शख्स आपके सामने है, उसे प्यार करें.

आपका बेटा इसलिए गे है क्योंकि आपका बेटा गे है. अगर वह स्ट्रेट होता तो क्या आप खुद से पूछतीं कि आपका बेटा स्ट्रेट क्यों है? क्या आपने उन सिद्धांतों के बारे में सोचा होता जो उसके स्ट्रेट होने का कारण बने? गे होना भी ऐसा ही है.

इसके साथ ही, आपके बेटे के गे होने के बारे में आपका सिद्धांत कि चूंकि आपने प्रेग्नेंसी के दौरान किसी शख्स के साथ सेक्स संबंध बनाया था, इसलिए वह ऐसा है, तो इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. उस दिशा में मत सोचिए.

कृपया किसी काउंसलर से मिलें. हालात बेहतर हो जाते हैं.

मुस्कान के साथ

रेनबोमैन

अंतिम बातः आपको काउंसलर से अप्वाइंटमेंट तय करने की जरूरत है.

(लोगों की पहचान सुरक्षित रखने के लिए नाम और कुछ ब्योरे परिवर्तित कर दिए गए हैं. आप भी अपने सवाल sexolve@thequint.com पर भेज सकते हैं.)

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

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