सेक्सॉल्व: ‘मेरी बीवी चाहती है कि मैं उसकी पैंटी पहनूं’

‘मेरी बीवी चाहती है कि मैं उसकी पैंटी पहनूं, क्या इसका मतलब ये है कि वो लेस्बियन है?’

Updated02 Dec 2019, 12:09 PM IST
फिट हिंदी
7 min read

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का FIT पर सवाल-जवाब आधारित कॉलम है.

अगर आपके मन में सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़े कोई सवाल हैं और आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें, और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

'मेरी बीवी चाहती है कि मैं पैंटीज पहनूं, कहीं वो लेस्बियन तो नहीं है?'

'शायद वह मुझे एक महिला के रूप में तैयार कर अपनी लेस्बियन फैंटेसी को पूरा कर रही है.'
'शायद वह मुझे एक महिला के रूप में तैयार कर अपनी लेस्बियन फैंटेसी को पूरा कर रही है.'
(प्रतीकात्मक फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मुझे आपको लिखते हुए थोड़ी हिचक हो रही है. मैं सोचता हूं है कि जो कोई भी इसे पढ़ेगा, क्या सोचेगा. लेकिन ऐसा ही हो रहा है- मैं एक 33 वर्षीय पुरुष हूं और मैंने 7 साल की लंबी डेटिंग के बाद अपनी पत्नी से शादी की थी. इन 9 सालों में, जिसमें 7 साल की डेटिंग और हमारी शादी के 2 साल शामिल हैं, हमने भरपूर सेक्स किया. हमने ओरल से लेकर एनल तक, वाटर स्पोर्ट्स से लेकर गंदी से गंदी चीज, हर चीज आजमाई है.

हम यह सब करते हुए एक-दूसरे के प्रति पूरी तरह वफादार रहे और कभी भी रिलेशनशिप में किसी तीसरे शख्स को शामिल करने की जरूरत महसूस नहीं हुई. यहां तक कि जब हमने वैसी फैंटेसी भी कीं, तब भी हमने बातचीत की लेकिन हम जानते थे कि हम इस पर आगे कदम बढ़ाने में सहज नहीं होंगे.

हालांकि, अब एक तरह की खटास आ गई है. हमारे बीच सब कुछ ठीक है, लेकिन उसकी फैंटेसी अब डरावनी होने लगी हैं. मुझे जरा विस्तार से बताने की इजाजत दें. पिछले महीने मैंने उसे हर कहीं चूमा और उसने भी मुझे चूमा. मैंने उसका अंडरवियर निकाल दिया, और तभी वह अचानक खड़ी हो गई और मुझसे उसका अंडरवियर पहनने को कहा. मैंने रोमांच के लिए उसकी बात मान ली. मैंने इस पर एतराज नहीं किया. हालांकि, इसके बाद उसने पिछले एक महीने में ऐसा तीन बार किया और मुझे वो फिर से पहनने को कहा.

इसके अलावा, मैं उससे अक्सर ब्लो जॉब करवाता था, लेकिन अब वह ऐसा नहीं करती है. वह चाहती है कि मैं ऐसा करूं. मुझे यह कभी पसंद नहीं था और मैंने महिलाओं को कभी भी ब्लो जॉब नहीं दिया, लेकिन आखिरकार अब मुझे हर दूसरी रात यह करना होता है.

मैं उससे आदेश लेना पसंद नहीं करता. मुझे यह बात परेशान कर रही है कि उसके मन में अचानक मेरे लिए इज्जत खत्म हो गई है और वह मुझसे उम्मीद करती है कि मैं उसके साथ महिला बनूं और एक महिला की तरह आदेश मानूं. या शायद, वह लेस्बियन है और वह मुझे एक महिला के रूप में तैयार कर अपनी लेस्बियन फैंटेसी को पूरा कर रही है. सच क्या है मैं नहीं जानता.

मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि मैं अपनी पुरानी बीवी को वापस पाना चाहता हूं, जो मुझे एक पुरुष और खुद को महिला मानते हुए एक्सपेरिमेंट करना पसंद करती थी, ना कि अपनी फैंटेसी में मुझे महिला बनाने वाली. क्या आप मेरी मदद करेंगे?

एक ख्वाहिशमंद

डियर ख्वाहिशमंद,

पूरे ब्योरे के साथ मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. सबसे पहले तो, मैं कहना चाहता हूं कि यह देखना अच्छा लगता है कि आप एक जोड़े के रूप में, अपनी सेक्स लाइफ को संवारने के लिए मेहनत कर रहे हैं और लगातार गर्मजोशी बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं.

सेक्स के लिए आपकी चाहत अच्छी है क्योंकि जैसे-जैसे वक्त बीतता है, दशकों पुराने रिश्ते में एक-दूसरे के प्रति जोश में ठंडापन आना जोड़ों के लिए असामान्य नहीं है.

ओरल सेक्स के बारे में आपके बताए सेक्स एक्सपेरिमेंट से, मैंने समझा है कि आप आनंदित होना पसंद करते हैं, लेकिन अपने पार्टनर को वैसा ही आनंद देना पसंद नहीं करते.

आप कहते हैं कि आप अपनी बीवी से बेड में आदेश लेना पसंद नहीं करते. आप यह भी कहते हैं कि आप ‘एक औरत की तरह आदेश नहीं लेना चाहते हैं .’ आप ऐसा क्यों मानते हैं कि महिलाओं को अपने सेक्शुअल पार्टनर से आदेश लेने की जरूरत है? बेड में अपने पार्टनर को खुश करने के लिए “औरत की तरह” होने जैसा कुछ नहीं है. आपका पार्टनर, उसका जो भी जेंडर हो, आपकी ही तरह आनंद लेने का हक रखता है.

सिर्फ इस वजह से कि आपकी बीवी आपको अपनी पैंटी पहने देखना चाहती है, इसका मतलब यह नहीं कि वह लेस्बियन है. वह सिर्फ और सिर्फ तभी लेस्बियन है, अगर वह बताए कि वह लेस्बियन है. वह सेक्शुअल रोल-प्ले की संभावनाएं खंगाल रही है. अगर आप इसे नापसंद करते हैं, तो कृपया उसे उन्हीं शब्दों में बताएं.

किसी जोड़े में दोनों का एक ही चीज को पसंद नहीं करना सामान्य बात है. आप लोग निजी पसंद और ख्वाहिशों के साथ दो अलग-अलग लोग हैं. मतभेद अच्छी बात है.

थोड़ा खींचतान अच्छा है. ख्वाहिशों को पूरा करने में थोड़ा ऊंच-नीच अच्छा है. कुछ हिचकोले, कुछ समायोजन, थोड़ा झटका भी अच्छा है. एक-दूसरे को जानें.

आपको हमेशा एक जैसी चीजें पसंद करने की जरूरत नहीं है. कृपया इस बात को समझें और अपने पार्टनर को भी समझाएं. आपको जो पसंद है और आपको जो नापसंद है, उस बारे में उसे साफ-साफ बता दें. इसके अलावा, उससे पूछें कि वह कैसे आनंद लेना पसंद करेगी.

अपने पार्टनर के साथ सेक्स की बातें करें और मजे की बात करें.

सेक्स में एक इनकार भी है. उसके आनंद के लिए आधी दूरी तक जाएं और जब वह आपकी ख्वाहिशों के लिए आधा रास्ता तय कर लेती है तो उसकी सराहना करें और तब भी अगर वह पूरी तरह से नहीं चाहती है, जो आप करते हैं.

सार्थक चर्चा से बात बन जाती है.

मुस्कान के साथ,

रेनबोमैन

अंतिम बातः दूसरों की ख्वाहिशों का सम्मान करने और समझौता करने के बीच थोड़ा फर्क है.

‘क्या बहुत ज्यादा रगड़ मेरे पेनिस को छोटा कर देगी?’

‘मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि मुझे अपनी चीज को अपने हाथ से नहीं हिलाना चाहिए क्योंकि मेरी चीज सच में गर्म हो सकती है’
‘मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि मुझे अपनी चीज को अपने हाथ से नहीं हिलाना चाहिए क्योंकि मेरी चीज सच में गर्म हो सकती है’
(फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मुझे इस बारे में पता नहीं है. मैं अभी कॉलेज के पहले साल में हूं. मैं बस बालिग होने ही वाला हूं. मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि मुझे अपनी चीज को हाथ से नहीं हिलाना चाहिए क्योंकि हथेली की रगड़ से चीज सचमुच गर्म हो जाती है और फट जाती है. जब मैंने इसे हिलाया तो मैंने सेक्स का अहसास किया, तो यह गर्म हो गया और इससे कुछ तरल निकला. मेरे शरीर का टेंपरेचर बढ़ने पर भी ऐसा ही तरल बनता है. क्या इससे मेरी चीज का आकार छोटा हो जाएगा? मैं बहुत डरा हूं कि मैं मर जाऊंगा.

सादर,

नव युवक

डियर नवयुवक,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. मैं मानता हूं कि अगर हमें सेक्स के बारे में शिक्षित करने के लिए सही व्यक्ति या संसाधन नहीं मिलता है, तो अक्सर हम भ्रमित हो जाते हैं. सेक्स के बारे में मैं कुछ बातें आपसे साझा कर रहा हूं.

सबसे पहले, चलो सही शब्दावली के इस्तेमाल से शुरुआत करते हैं.

आप जिस “चीज” का जिक्र कर रहे हैं उसे पेनिस कहते हैं. कभी भी सही शब्दों का इस्तेमाल करने में शर्म ना करें. भाषा आपके शरीर के अंगों और बहुत कुछ, के लिए सही नाम बताने में समर्थ है.

अगर आंख आंख है और नाक नाक है, तो पेनिस पेनिस है और वजाइना वजाइना है.

सिर्फ एक लेख आपको समझाने के लिए बहुत कम है, लेकिन मैं बता दूं कि आप मेल में जिसे रगड़ बता रहे हैं वह असल में “मास्टरबेशन” है.

मास्टरबेशन एक ऐसा कृत्य है जिसमें हम खुद को सेक्सुअली आनंद देते हैं. मोटे तौर पर, यह यौन सुख के लिए हाथ से हमारे जननांगों की उत्तेजित करने के तौर पर समझा जा सकता है.

आमतौर पर जब आप थोड़ी देर तक लगातार आगे-पीछे की क्रिया करते हैं, सफेद तरल या ‘स्पर्म’ बाहर निकलता है. इस कोशिश में, आप यौन इच्छाओं के चरम पर पहुंच सकते हैं, इसे ऑर्गेज्म (चरमोत्कर्ष) कहा जाता है.

जो शख्स आपको सलाह दे रहा है, वह शायद आपको बेवकूफ बना रहा है. इंटरनेट पर सेक्स के बारे में पढ़ने में संकोच ना करें. शुरुआत में ही पोर्न का सहारा ना लें, बल्कि सिर्फ सेक्स के बारे में आम जानकारी लें.

यहां एक वेबसाइट है, जो मैं आपके लिए इंटरनेट से ढूंढकर लाया हूं.

इसे कई बार पढ़ें. और समझें कि अगर आप मास्टरबेशन करते हैं तो आपका पेनिस ना तो पिघलेगा और ना ही किसी तरीके से कमजोर होगा. मास्टरबेशन कोई गुनाह नहीं है, लेकिन बेहतर हो कि यह तभी करें जब आप उत्तेजना महसूस करें.

मुस्कान के साथ

रेनबोमैन

अंतिम बातः अगर आपको और किसी की तरह की जानकारी चाहिए तो दोबारा लिखने में संकोच ना करें.

‘मेरे पति चाहते हैं कि मैं स्मोक करूं’

‘मेरे पति चाहते हैं कि जब हम सेक्स कर रहे हों तो मैं स्मोकिंग करूं.’
‘मेरे पति चाहते हैं कि जब हम सेक्स कर रहे हों तो मैं स्मोकिंग करूं.’
(फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मेरे पति चाहते हैं कि जब हम सेक्स कर रहे हों तो मैं स्मोकिंग करूं. मैं यह पसंद नहीं करती. मैं यह उन्हें कब बताऊं... उन्हें कैसे बताऊं, मैं उन्हें नाराज नहीं करना चाहती.

श्रीमती पवित्र धुआं

डियर श्रीमती पवित्र धुआं,

ऐसा समय चुनें जब आप सेक्स नहीं कर रहे हों, सिर्फ आप दोनों अकेले हों तो उन्हें बताएं कि आप सेक्स के दौरान स्मोकिंग नापसंद करती हैं, इससे आप दोनों को ही सेक्स से पहले अपेक्षाओं को तय करने में मदद मिलेगी.

सबसे अच्छा तो यह है कि अपने पार्टनर को यह बताने का अभी से अच्छा कोई समय नहीं है कि आप असल में उस चीज के बारे में क्या महसूस करती हैं, जिसकी वह आपसे उम्मीद करते हैं.

सेक्स जितना आनंद है, उतना ही मोलभाव भी है. दो लोगों के बीच आनंद एक शख्स द्वारा तय नहीं किया जा सकता.

सेक्स में अपनी सहमति को कमतर ना करें. यह आपका शरीर है और आपकी अपनी विशिष्ट पसंद, नापसंद और ख्वाहिशें हैं और आपको इसके लिए खड़ा होना चाहिए.

मुस्कान के साथ

रेनबोमैन

अंतिम बातः उसे ना कहो. जल्दी.

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

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Published: 01 Dec 2019, 04:30 AM IST

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