सेक्सॉल्व: ‘मेरा पार्टनर थ्रीसम करना चाहता है, लेकिन मैं नहीं’

‘मैं ना नहीं कह पा रहा हूं और बहुत डरा हुआ हूं.’

Updated11 Jul 2020, 01:45 PM IST
फिट हिंदी
7 min read

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का FIT पर सवाल-जवाब आधारित कॉलम है.

अगर आपके मन में सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़े कोई सवाल हैं, और आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें, और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

‘मेरा पार्टनर थ्रीसम करना चाहता है, लेकिन मैं नहीं चाहता’

'मैं ना नहीं कह पा रहा हूं और बहुत डरा हुआ हूं.'
'मैं ना नहीं कह पा रहा हूं और बहुत डरा हुआ हूं.'
(फोटो: iStockPhoto)

डियर रेनबोमैन,

मैं 28 साल का गे पुरुष हूं. मैं बीते 4 सालों से एक लड़के के साथ रिलेशनशिप में हूं, जो मुझसे एक साल छोटा है. मैं उसे अपना पार्टनर कहता हूं. हमारे बीच गहरा प्यार है और एक दूसरे के लिए काफी सम्मान है. हम एक-दूसरे की सोच का सम्मान करते हैं, हम एक-दूसरे के राजनीतिक विचारों का सम्मान करते हैं, हम एक-दूसरे के शरीर का सम्मान करते हैं और इस तथ्य का सम्मान करते हैं कि हम अपने खुद के आजाद दिमाग वाले दो अलग-अलग इंसान हैं.

मैं अपनी सेक्शुएलटी को लेकर काफी आश्वस्त हूं और वह भी ऐसा ही है. हालांकि, कुछ ऐसा है जो हमारे बीच एक तरह से दरार पैदा कर रहा है. हमारी सोच, विचार, आदर्श और विचारों में एक-दूसरे से सिर्फ तभी टकराव होता है, जब हम सेक्स करते हैं. यह एक ऐसा समय होता है जब हमें मतभेदों के लिए ना केवल सहिष्णुता की जरूरत होती है, बल्कि आनंद का समान स्तर भी खोजना होता है.

रेनबोमैन मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम सच में अच्छा सेक्स करते हैं. हालांकि हम एक जैसी चीजों को पसंद नहीं करते हैं और यह अच्छा ही है. मैं नीचे रहना पसंद करता हूं और वह ऊपर रहना पसंद करता है. सब कुछ अच्छा है, सेक्स अच्छा है, रिश्ता अच्छा है ... वह एक गजल है. लेकिन कुछ गड़बड़ होना ही था. मर्फी के नियम की तरह.

एक दिन मेरा बॉयफ्रेंड और मैं पोर्न देख रहे थे, जिसमें दो पुरुष सेक्स कर रहे हैं और एक लड़की आ जाती है और फिर तीनों एक दूसरे के साथ सेक्स करते हैं. मेरा बॉयफ्रेंड अब यही करना चाहता है जिसमें मैं, वह और एक लड़की हो.

गंभीरता से कहूं तो मुझे उसके किसी और के साथ जाने और कुछ भी करने में कोई दिक्कत नहीं है. मैं इसमें दावेदार नहीं बनना चाहता. उसके ऑफिस की एक सहकर्मी, उसके साथ सबकुछ करती है और उसने उसके व मेरे साथ थ्रीसम की संभावना पर बात की. मैं ना नहीं कह पा रहा हूं. मैं बहुत डरा हुआ हूं.

मैं ऐसे खराब पुरुष के रूप में सामने नहीं आना चाहता जो एक ही समय में एक से ज्यादा लोगों के सेक्स का प्रयोग करता है, सेक्स की बात छोड़ दीजिए, मैं तो एक लड़की के सामने निर्वस्त्र होने के ख्याल से ही नाखुश हूं.

मैं बहुत फिक्रमंद हूं कि इस मतभेद के कारण मेरे और और मेरे प्रेमी के बीच के सेक्शुअल और भावनात्मक संबंध संबंध खराब हो जाएंगे. इसके अलावा, मैं सोच रहा हूं कि क्या मेरा बॉयफ्रेंड बाईसेक्शुअल है? वह कहता है कि वह गे है और सिर्फ एक्सपेरिमेंट करना चाहता है, लेकिन मैं पूछता हूं क्यों? कृपया मुझे सही राह दिखाएं.

सादर,

दो ही भले

डियर दो ही भले,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया.

मुझे यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि आप दोनों एक युगल होते हुए भी एक व्यक्ति नहीं हैं. आपके पास अपने खुद के अलग-अलग व्यक्तित्व हैं और आपकी अपनी अलग पसंद है.

जब हम एक-दूसरे से रिश्ते में तालमेल बिठाते हैं, तो यह व्यक्तिगत भिन्नता या विचार की कीमत पर नहीं होना चाहिए.

अच्छा हो अगर इसे इसी तरह बनाए रखा जाए क्योंकि सच कहूं तो यह सबसे खूबसूरत बात है कि आप अपने खुद की और उसके स्पेस का सम्मान कर सकते हैं और यह भी साफ तौर पर तय करते हैं कि आपका साझा स्पेस क्या होगा.

जहां तक आपके पार्टनर के दोस्त का सवाल है, उसका जेंडर जो भी हो, दूसरे की सोच के मुताबिक बनने के लिए किसी तरह का दबाव महसूस ना करें.

आपका पार्टनर थ्रीसम की पेशकश करता है, तो अगर आप इसे कबूल नहीं करते या इसे पसंद नहीं करते हैं, तो इसे खारिज भी कर सकते हैं.

नहीं, अगर आपका पार्टनर किसी महिला के साथ सेक्स करता है तो वह बाईसेक्शुअल नहीं हो रहा है. वह सिर्फ तभी बाईसेक्शुअल है, अगर वह कहता है कि वह बाईसेक्शुअल है. कई गे पुरुष हैं, जो महिलाओं के साथ मर्जी से सेक्स करते हैं और महिलाओं के मामले में भी ऐसा है. यह एक्सपेरिमेंट करने या एक्सप्लोर करने या यहां तक कि अपने सेक्स के झुकाव की दोहरी जांच कर पुष्टि करने के लिए भी किया जा सकता है. जरूरी नहीं है कि वह बाईसेक्शुअल हो. जैसा कि मैंने कहा, वह सिर्फ तभी बाईसेक्शुअल है, अगर वह आपसे कहता है कि वह बाईसेक्शुअल है. यह एक्सप्लोरेशन, एक्सपेरिमेंट या फैंटेसी, बस इनमें से ही कुछ हो सकता है- एक फैंटेसी जिसे वह पूरा करने की कोशिश कर रहा है.

एक जोड़े के रूप में, आप और आपके पार्टनर को, अपनी रिलेशनशिप की शर्तें तय करने की जरूरत है. चार साल लंबा वक्त होता है. जैसे हर साल आपकी नौकरी में अप्रैजल होता है, उसी तरह जब भी कोई नई संभावना पैदा होती है, तो रिलेशनशिप की शर्तों की समीक्षा करने और उस पर मानसिक रूप से दस्तखत करने की जरूरत होती है.

यह किसी तीसरे शख्स को तय नहीं करना है कि आप अपने रिलेशनशिप की क्या सीमाएं चाहते हैं (या अंततः आप कोई सीमा चाहते भी हैं).

उसकी मांगों को सिर्फ इसलिए ना मान लें क्योंकि आप उसे खोने से डरते हैं. हकीकत यह है कि आप किसी भी तरह के समझौते से रिलेशनशिप को बचा नहीं सकते हैं.

आप उसे प्यार करते हैं क्योंकि आप आप हैं और वह भी वह है. जब आप अपनी मर्जी के खिलाफ जाकर खुद पर दबाव डालते हैं और यह स्थिति दबाव के कारण बदल जाती है तो रिश्ते का पूरा समीकरण बिगड़ सकता है.

मुझे लगता है कि आप और आपके पार्टनर के बीच एक बातचीत लंबे समय से बकाया है. उसके साथ बैठें और उसे बताएं कि आप किस चीज पर सहज हैं और किस पर नहीं. उसे बताएं कि आप क्या करेंगे और क्या नहीं करेंगे. उससे भी पूछें, उसकी सुनें. जानें कि आप दोनों का एक समान धरातल क्या हो सकता है. ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे बातचीत से हल नहीं किया जा सकता.

सप्रेम,

रेनबोमैन

अंतिम बात: आप जैसे हैं उसके सामने खुद को वैसा ही पेश करें.

‘मेरी बीवी अब राजनीतिक रूप से दक्षिणपंथी हो रही है’

'मुझे उसका यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है.'
'मुझे उसका यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है.'
(फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मैं और मेरी बीवी राजनीतिक सोच के मामले में हमेशा एक जैसे थे. हम हमेशा से वामपंथी, कम्युनिस्ट रहे हैं, लेकिन यह बदल रहा है. मेरी बीवी अब दक्षिणपंथ की तरफ झुक रही है और मुझे उसका यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है. मैंने सोशल मीडिया पर आपकी पोस्ट पढ़ी है और आपके विचार मेरे जैसे हैं. मैं बिना जोर-जबरदस्ती किए किस तरह उसे दक्षिणपंथ से वामपंथ की ओर वापस ला सकता हूं?

सादर,

केंद्र से बाएं.

डियर केंद्र से बाएं,

मुझे मेल लिखने और सोशल मीडिया पर मुझे फॉलो करने के लिए शुक्रिया.

आपको कैसे पता चला कि आपकी बीवी दक्षिणपंथी हो रही है? क्या उसने आपको बताया था? या आपने अंदाजा लगा लिया क्योंकि उसने ऐसी किसी चीज का समर्थन किया जिसे “दक्षिणपंथी” करार दिया गया था? दोनों हालात में, उनका अपना व्यक्तित्व है. उनका अपना मन है. वह कोई भी रास्ता चुन कर उस पर चल सकती हैं. अपनी मान्यताओं को उन पर “जबरन थोपने" की कोशिश ना करें.

यह अच्छा है कि आपके घर में विचारों की विविधता है. आपके पास बातचीत और बहस के लिए ज्यादा गुंजाइश होगी. यह शानदार है, जब तक यह शांतिपूर्वक तरीके से होती है और कोई भी अपने विचारों को पार्टनर पर थोपे बिना उसकी बातों को सब्र के साथ सुन सकता है.

आप वामपंथी झुकाव वाले हो सकते हैं और किसी ऐसे काम का समर्थन कर सकते हैं, जो दक्षिणपंथी द्वारा सही किया जाता है और आप दक्षिणपंथी हो सकते हैं फिर भी वामपंथी द्वारा किए गए किसी अच्छे काम की तारीफ कर सकते हैं. समस्याओं को हल करने के लिए आपके पास अलग-अलग दृष्टिकोण हो सकते हैं.

हमें एक ऐसी दुनिया की जरूरत है, जो ज्यादा सहिष्णु हो. बल्कि मेरी तो ख्वाहिश है कि हम एक कदम और आगे बढ़ाकर सहिष्णुता से स्वीकृति की ओर बढ़ें.

फिर से दोहराता हूं, अपनी बात रखें. लेकिन उनके दिमाग को बदलना अपनी जिंदगी का एकमात्र एजेंडा ना बना लें. उनका अपना व्यक्तित्व है. वह आपकी बात सुनेंगी और अपना विचार बनाएंगी.

मुस्कान के साथ,

रेनबोमैन

अंतिम बातः वह जो हैं, उन्हें वही रहने दें.

‘मैं बहुत जल्द चूक जाता हूं’

'अपनी स्टेमिना बढ़ाने के लिए मैं क्या करूं?'
'अपनी स्टेमिना बढ़ाने के लिए मैं क्या करूं?'
(फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मैं बेड में बहुत लंबे समय तक नहीं टिक नहीं पाता हूं. अपनी स्टेमिना बढ़ाने के लिए मैं क्या करूं? क्या इसके लिए कोई गोलियां आती हैं? कोई एक्सरसाइज है?

सादर

राज

डियर राज,

सबसे पहली बात, मैं सुझाव दूंगा कि आप किसी सेक्सोलॉजिस्ट से मिलें. किसी को कुछ भी सुझाव देने से पहले इस बारे में ज्यादा जानकारी की जरूरत होगी. केवल एक काबिल डॉक्टर ही दवाएं लिख सकता है.

जहां तक एक्सरसाइज की बात है, मेरा मानना है कि यह एक मानसिक ट्रेनिंग ज्यादा है. मास्टरबेशन करना और जब आप ऑर्गेज्म के करीब हों, तो अपनी सोच को दूसरी दिशा में मोड़ दें, ऐसा तरीका है जिस पर अमल किया जा सकता है. यह हमारे शरीर को अधिक नियंत्रण में रखना सिखाएगा.

हालांकि डॉक्टर को दिखाने का कोई विकल्प नहीं हो सकता है. कृपया किसी को दिखाएं.

सादर

रेनबोमैन

अंतिम बातः डॉक्टर को अपनी बात बताने में कोई डर या शर्म नहीं होनी चाहिए.

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

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Published: 15 Dec 2019, 04:30 AM IST
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