सेक्सॉल्व: ‘मैं स्कूल में पढ़ता हूं और एक लड़की से प्यार करता हूं’
'मैं पिछले एक साल से पड़ोस की एक लड़की से प्यार करता हूं.'
'मैं पिछले एक साल से पड़ोस की एक लड़की से प्यार करता हूं.'(फोटो: iStock)

सेक्सॉल्व: ‘मैं स्कूल में पढ़ता हूं और एक लड़की से प्यार करता हूं’

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का फिट पर सवाल-जवाब पर आधारित कॉलम है.

अगर आपके मन में सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़े कोई सवाल हैं और आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल कर सकते हैं.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

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‘मैं स्कूल में पढ़ रहा हूं और एक लड़की से प्यार करता हूं’

'मैं इस लड़की से बहुत प्यार करता हूं. वह भी मुझसे प्यार करती है.'
'मैं इस लड़की से बहुत प्यार करता हूं. वह भी मुझसे प्यार करती है.'
(फोटो: iStockphoto)

डियर रेनबोमैन,

मैं स्कूल में पढ़ने वाला 16 साल का लड़का हूं, और पिछले एक साल से पड़ोस की एक लड़की से प्यार कर रहा हूं. वह और मैं एक ही स्कूल में पढ़ते हैं. वह एक साल जूनियर है, लेकिन किसी तरह वह भी मेरी क्लास में आ गई. समस्या ये है कि उसे भेजे मेरे कुछ मैसेज मेरे पिता ने पढ़ लिए थे और उन्होंने मेरा फोन जब्त कर लिया है. उन्होंने मुझे डांट लगाई और यह भी कहा कि मुझे इस उम्र में रोमांस नहीं करना चाहिए. मैं बहुत हताशा की हालत में आपको लिख रहा हूं. ऐसा लगता है मेरे पिता सोचते हैं कि लोग 18 साल की उम्र में ही प्यार कर सकते हैं. मैं इस लड़की से बहुत प्यार करता हूं. वह भी मुझसे प्यार करती है. उसके मां-बाप भी हमारे बारे में जानते हैं और कुछ नसीहतों को छोड़कर कि हमें कितना करीब होना चाहिए और कितना नहीं होना चाहिए, उन्होंने हम पर या हमारे रोमांस पर रोक नहीं लगाई. मेरे पिता मेरी राह का रोड़ा बन रहे है. मैं सच में उनसे बहुत ज्यादा नाराज हूं, लेकिन घर भी नहीं छोड़ सकता हूं क्योंकि मुझे नहीं पता कि मैं अपने बूते अपनी गर्लफ्रेंड की देखभाल कर पाऊंगा या नहीं. इसके अलावा, मैं अपनी गर्लफ्रेंड के घर नहीं रहना चाहता या उसे अपने घर भी नहीं लाना चाहता. मैं खुद का घर बनाना चाहता हूं और उसके साथ खुशी-खुशी रहना चाहता हूं. किसी दिन ऐसा होगा. लेकिन तब तक यह दौर मुझे मार रहा है. वह मेरी ताकत है. यह दूरी और दीवार जो मेरे पिता ने बनाई है, मुझे बेचैन कर रही है. मेरी मां कुछ भी समझ नहीं पा रही हैं. पिताजी जो भी कहते हैं, वह आंख मूंद कर उस पर अमल करती हैं. उनके मन में जो भी भावना है, वह जाहिर नहीं करती हैं. मैं सच में बहुत परेशान हूं. मैं सोचता हूं कि मुझे क्या करना चाहिए. प्लीज मेरी मदद करें. मैं कोई बेवकूफी भरा कदम नहीं उठाना चाहता. मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिस पर बाद में मुझे अफसोस हो. मैं गुस्से में हूं. मैं बेचैन हूं. मैं सच में बहुत ज्यादा दुखी हूं कि मेरी जिंदगी मेरे साथ कैसा खेल खेल रही है. मैं जल्द बड़ा होकर शादी करना चाहता हूं. मैं कमाना शुरू करना चाहता हूं ताकि मुझे पैसे के लिए अपने पिता पर निर्भर न रहना पड़े. मैं वह सब करना चाहता हूं जिससे मैं अपना परिवार बसा सकूं. लेकिन लानत है, इस इंतजार पर. यह इंतजार लंबा होता जा रहा है. काश कोई टाइम मशीन होती और मैं इसी वक्त भविष्य में जा सकता. मैं ऐसा ही चाहता हूं. प्लीज मेरी मदद कीजिए. मैं नहीं जानता कि मैं आपको क्यों लिख रहा हूं. आप इसे एक जवान लड़के की पुकार मानकर खारिज कर सकते हैं और पूरी तरह भुला सकते हैं या पिता से नफरत करने वाले एक लड़के का चिल्लाना मान सकते हैं. लेकिन जब मैं आपके लेख पढ़ता हूं तो कुछ ऐसा है जो मुझसे कहता है कि इंसानियत पर भरोसा रखा जा सकता है. आप मेरी आखिरी उम्मीद हैं.

सादर

एक लड़का जिसकी मुस्कान खो गई है

डियर लड़के,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. मैं प्यार को जानता हूं, मुझे पता है कि तब कैसा महसूस होता है जब लोग आपको बताते हैं कि प्यार करना वर्जित है. मुझे यह भी पता है कि कैसा लगता है जब किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा कहा जाता है हम जिसके अधीन हैं. इसलिए सबसे पहले बता दूं कि मैं आपके शब्दों पर यकीन करता हूं और मानता हूं कि ये प्यार और लगाव के पवित्र स्थान से आते हैं, न कि आपके पिता के प्रति नफरत से.

और वैसे भी नफरत क्या है... यह प्यार का ही एक रूप है जो अप्रिय है, अनगढ़ है और भोथरा है. नफरत प्यार का ही एक रूप है. प्रेम का विलोम उपेक्षा है, नफरत नहीं.

लेकिन यह एक अलग कहानी है.

अगर आप मुझसे पूछें तो, कि उम्र की परवाह किए बिना प्यार करना रहना सही है या नहीं, तो मैं पूरे जोर से चिल्लाकर कहूंगा, हां. अगर आप मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या स्कूल में पढ़ते हुए प्यार करना गलत है, तो मैं कहूंगा कि ऐसा कुछ भी नहीं है, जो दो जवान लोगों को प्यार करने से रोकता है.

अगर प्यार है, तो यह वक्त की कसौटी पर खरा उतरेगा, भले ही प्यार के इजहार को इंतजार की जरूरत हो.

इसलिए इंतजार करें. जब लोग आपसे नाराज होते हैं तो आप नाराज न हों. हो सकता है आपके पिता असल में “प्यार के दुश्मन” न हों. कभी-कभी मां-बाप पढ़ाई के बारे में फिक्रमंद होते हैं और करियर बनाने पर ध्यान देते हैं.

अपनी साथी के लिए आपका प्यार, आपकी ताकत होना चाहिए न कि आपकी नियमित स्कूली पढ़ाई से भटकाव. मैं आप पर भरोसा करता हूं कि आप प्यार को ताकत के रूप में जाहिर करेंगे न कि कमजोरी के रूप में. हालांकि, अभी आप किशोर हैं और अपने माता-पिता पर निर्भर हैं, तो अपने बालिग जीवन की शुरुआत करने से पहले आपका बालिग होने का इंतजार करना समझदारी होगा.

मुझे नहीं पता कि क्या हम सिर्फ किसी के हुक्म पर लोगों को प्यार करना बंद कर सकते हैं. और मैं नहीं चाहता कि कोई भी प्यार पर रोक लगाने की कोशिश करे. यह उम्र समानांतर रूप से दूसरी चीजों पर ध्यान देने की है. यहां समानांतर शब्द का अर्थ अमल से है. अपनी जिंदगी, अपने स्कूल, अपने ग्रेड, अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना शुरू करने के लिए आपको अपने प्यार को छोड़ने की जरूरत नहीं है. बस इसके लिए वक्त का इंतजार करें. अपने पिता के साथ सब्र से पेश आएं, भले ही आपको लगता है कि वह आपके साथ सब्र से पेश नहीं आ रहे हैं. उन्हें हालात को समझने के लिए वक्त दें. इस दौरान, अपने प्यार से परे अपनी जिंदगी पर ध्यान देना शुरू करें. और अपने प्यार पर भरोसा रखें.

इसके अलावा, अगर आपके स्कूल में काउंसलर है तो उसकी मदद हासिल करने में हिचकिचाएं नहीं.

और हां, मेरी पोस्ट पढ़ने के लिए शुक्रिया. आप आगे भी मुझे खत लिखना जारी रख सकते हैं. मैं आपकी उम्र के हिसाब से आपको छोटा नहीं समझता. उम्र, तजुर्बा और समझदारी हमेशा एक दूसरे से जुड़े नहीं होते हैं. नौजवान के पास भी समझदारी हो सकती है. मुझे आप पर भरोसा है.

मुझे यकीन है कि आप इस समय सब्र रखेंगे. और संभावनाओं पर भरोसा करेंगे. अपने काम पर ध्यान दें. उन लोगों से नाराजगी न रखें, जो इस समय आपके बारे में सोच रहे हैं. अपने मददगारों को डिस्टर्ब न करें. चुपचाप इसे कायदे से चलने दें.

ढेर सारा प्यार,

रेनबोमैन

अंतिम बातः अरे भई !!! सुनो!!!! उसे मेरा भी सलाम कहना.

अंतिम के बाद अंतिम बातः शुभकामनाएं. “सब्र” सबसे जरूरी है.

‘मेरा बॉयफ्रेंड कंडोम का इस्तेमाल करता है, क्या वह बेवफा है?’

‘अगर वह कंडोम का इस्तेमाल नहीं करता है और मैं गर्भवती हो जाती हूं तो वह मेरे साथ जुड़ा रहेगा.’
‘अगर वह कंडोम का इस्तेमाल नहीं करता है और मैं गर्भवती हो जाती हूं तो वह मेरे साथ जुड़ा रहेगा.’
(फोटो: iStock)

डियर रेनबोमैन,

मैं 28 वर्षीय महिला हूं और पिछले तीन सालों से एक पुरुष को प्यार करती हूं. हालांकि, अब हमने इसे खत्म करने का फैसला किया क्योंकि मेरे उसने मेरी शर्त नहीं मानी कि हम बिना कंडोम के ही सेक्स करेंगे. मुझे लगता है कि जो लोग कंडोम इस्तेमाल करने की जिद करते हैं, वो ऐसे लोग होते हैं, जो अपने काम के नतीजे की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं. हो सकता है कि वह सोचता है कि वह मुझे छोड़ सकता है और अगर वह कंडोम इस्तेमाल नहीं करता है और मैं प्रेगनेंट हो जाती हूं तो वह मेरे साथ फंस जाएगा. इसके अलावा, एक और वजह हो सकती है कि वह दूसरों के साथ भी चक्कर चला रहा है और अपनी STD मुझे पास करना नहीं चाहता है. मेरा मतलब है, एक करीबी रिश्ते में कोई शख्स क्यों कंडोम इस्तेमाल करना पसंद करेगा? मैं सच में गुस्से में हूं. वह मुझे लगातार मैसेज कर रहा है और वापस रिश्ता जोड़ना चाहता है. मैं बिल्कुल इस मूड में नहीं हूं. मुझे लगता है कि आपके जवाब समझदारी से भरे होते हैं, इसलिए मैं आपसे तीसरे शख्स के नजरिये से पूछ रही हूं. प्लीज मुझे बताएं... मुझे क्या करना चाहिए?

परेशान महिला

डियर परेशान महिला,

इस तरह की निजी बातें मुझे लिखने और साझा करने के लिए शुक्रिया.

जब हम प्यार करते हैं, तो हम कभी-कभी तुलना भी करते हैं. और जब हम तुलना करते हैं, तो हम उन लोगों को लगातार तौलते हैं और उन्हें परखते हैं जिनसे प्यार करते हैं. हम कई बार उनकी वफादारी, उनकी भावनाओं और लालच का इम्तेहान लेते हैं. यह सब प्रेमियों के खेल हैं. मैंने भी यह खेला है.

हालांकि, इससे मदद मिलती है अगर हमारे फैसले व्यावहारिक घटनाओं पर आधारित हैं, सिर्फ कल्पनाओं पर नहीं. रिश्ते में बातचीत जरूरी होती है. शक के बिना बातचीत होनी चाहिए. मेरी ख्वाहिश है कि आप अपने ब्वॉयफ्रेंड से इस मुद्दे पर बात करें.

ऐसी दुनिया में जहां बहुत से पुरुष सिर्फ इसलिए कंडोम का इस्तेमाल पसंद नहीं करते, क्योंकि वे प्रेग्नेंसी को रोकना अपनी इज्जत गिराने वाला मानते हैं. ऐसे में आपके ब्वॉयफ्रेंड का व्यवहार असल में ताजी हवा की तरह लगता है.

हालांकि आपकी तरफ से चीजें तय करने वाला मैं कोई नहीं हूं. आपको अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात करनी होगी और समझना होगा कि उसके मन में क्या है. आप ऐसा क्यों मानती हैं कि वह इसलिए कंडोम इस्तेमाल करना चाहता है क्योंकि वह आपसे दूर भाग रहा है? आप ऐसा क्यों नहीं मानतीं कि ऐसा कुछ समय के लिए हो सकता है ताकि आपको उसके कार्यों का बीज (सचमुच में) सहन न करना पड़े? आपको क्यों लगता है कि उसे सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज है जिसे वह फैलाने से डरता है? ऐसा क्यों नहीं हो सकता कि वह सही वक्त का इंतजार करना चाहता है?

अगर वह आपसे प्यार करता है और आपके मन में अभी भी उसके लिए भावनाएं हैं, तो मेरा सुझाव है कि आप उससे बात करें. उससे बोलें. पता लगाएं कि वह कैसा महसूस कर रहा है और फिर उसके साथ रिश्ते जारी रखने या छोड़ने का निर्णय लें.

मुस्कुराते रहिए

रेनबोमैन

अंतिम बातः बिना चीख-चिल्लाहट के बातचीत से चीजें बेहतर हो जाती हैं.

'मेरे पेनिस पर पिंपल है’

’क्या मैं अपने पेनिस पर पिंपल रिमूवल क्रीम लगा सकता हूं?’
’क्या मैं अपने पेनिस पर पिंपल रिमूवल क्रीम लगा सकता हूं?’
(फोटो: iStock)

डियर रेनबोमैन,

मैं 28 वर्षीय पुरुष हूं और मेरे पेनिस पर पिंपल है. क्या मैं पिंपल रिमूवर क्रीम लगा सकता हूं?

सादर

पिंपल कुमार

डियर पिंपल कुमार,

मुझे लिखने के लिए शुक्रिया. कृपया अपने डॉक्टर से पूछें कि पिंपल हटाने के लिए क्या लगाना चाहिए. असल में, कुछ भी करने से पहले उनसे पूछ लें.

मुस्कुराते रहिए

रेनबोमैन

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

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