कोविड-19 टीकाकरण में तेजी लाने के लिए जूझ रहा है अमेरिका  

2.77 करोड़ वैक्सीन डोज डिस्ट्रीब्यूट हुए, लेकिन सिर्फ 90 लाख लोगों ने ही अब तक वैक्सीनेशन कराया है.

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दुनिया में कोरोना के सबसे ज्यादा 2.2 करोड़ मामले और 3.8 लाख मौतें अमेरिका में ही दर्ज हुईं हैं.
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कोरोना वायरस वैक्सीनेशन की धीमी गति से चिंतित अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियों ने सप्लाई बढ़ाने, वैक्सीन लेने की पात्रता संबंधी दिशानिर्देशों को आसान करने और वैक्सीनेशन सेंटर्स की संख्या बढ़ाने जैसे कई बदलाव किए हैं.

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ट्रैकर के मुताबिक, 11 जनवरी तक अमेरिकी सरकार ने करीब 2.77 करोड़ वैक्सीन डोज डिस्ट्रीब्यूट कर दिए थे, लेकिन सिर्फ 90 लाख लोगों ने ही अब तक वैक्सीनेशन कराया है.

हेल्थ एंड हयूमन सर्विसेस सेक्रेटरी एलेक्स अजार ने कहा कि फेडरल सरकार अब हर राज्य को वहां की वैक्सीनेशन की दर के मुताबिक ही आगे वैक्सीन सप्लाई करेगी. अजार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर आप वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, जिस पर आपका अधिकार है, तो हम उन राज्यों के साथ संतुलन बनाएंगे जो उस वैक्सीन का इस्तेमाल कर रहे हैं. वैक्सीन को गोदाम में रखने की बजाय किसी व्यक्ति के शरीर में रखना सही है, क्योंकि ऐसे में वैक्सीन का हर एक डोज का मतलब है एक मौत को टालना."

अजार ने कहा कि सरकार अब फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना वैक्सीन के दूसरे डोज को ज्यादा दिन तक नहीं रोकेगी बल्कि राज्यों से कह दिया गया है कि वे CDC द्वारा बताई गई प्रारंभिक प्राथमिकता सूची में नीचे आने वाले सहकर्मियों का वैक्सीनेशन शुरू करें.

वैक्सीनेशन को लेकर ये नया नजरिया राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडेन की योजना से मेल खाता है, जिन्होंने कहा है कि उपलब्ध वैक्सीन की ज्यादा से ज्यादा मात्रा का इस्तेमाल करके आबादी के बड़े हिस्से को इस वायरस के खिलाफ सुरक्षित किया जाए.

बता दें कि दुनिया में कोरोना के सबसे ज्यादा 2.2 करोड़ मामले और 3.8 लाख मौतें अमेरिका में ही दर्ज हुईं हैं.

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