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मॉर्निंग सिकनेस? प्रेगनेंसी के दौरान नॉज़िआ से निपटने के लिए 7 टिप्स

गर्भावस्था के दौरान मतली को दूर करने के लिए इन प्राकृतिक उपचारों को आजमाएं

Published
नारी
3 min read
मॉर्निंग सिकनेस? प्रेगनेंसी के दौरान नॉज़िआ से निपटने के लिए 7 टिप्स
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प्रेगनेंसी के दौरान जी मिचलाना और मॉर्निंग सिकनेस एक आम बात है.

मतली कुछ हार्मोन का परिणाम हो सकती है, और यह आमतौर पर गर्भावस्था के मध्य में आती है. तीव्रता एक से दूसरी महिला में भिन्न हो सकती है.

यहां 7 प्राकृतिक उपाय दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप बिना किसी साइड इफेक्ट के जी मिचलाने से बच सकती हैं.

अदरक

अदरक का उपयोग अक्सर घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है.

पबमेड सेंट्रल के अनुसार, अदरक में ऐसे कम्पाउन्ड होते हैं, जिनका उपयोग दवाओं में उनके मतली विरोधी गुणों के लिए किया जाता है.

अदरक का उपयोग यात्रा, सर्जरी या कीमोथेरेपी के दौरान किया जा सकता है.

इसका आमतौर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है, हालाकि, यदि आप लो ब्लड शुगर या लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, तो आपको अपने अदरक के सेवन को सीमित रखना चाहिए.

एक्यूपंक्चर

एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर, उल्टी और मतली से छुटकारा पाने के चीनी तरीके हैं. एक्यूपंक्चर में, शरीर के कुछ बिंदुओं पर पतली सुइयों का उपयोग किया जाता है और एक्यूप्रेशर में उंगलियों से इन बिंदुओं पर दबाव डाला जाता है.

यूएस एनआईएच के अनुसार, दोनों तकनीकें से रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्क के नर्व फाइबरों को संकेत जाता है, जिससे इन लक्षणों में 25-75 प्रतिशत तक कमी आती है.

पेपरमिंट

पेपरमिंट मतली को कम करने में मदद कर सकता है.

यूएस एनआईएच के अनुसार, पुदीना किसी भी दवा या प्लेसीबो की तुलना में मतली को तेज़ी से कम करता है.

इसका उपयोग इनहेलर्स में तेल के रूप में, या चाय में या कैप्सूल के रूप में भी किया जा सकता है. हालाकि, पेपरमिंट ऑयल को सूंघना सबसे सुरक्षित तरीका है.

नींबू

<div class="paragraphs"><p>नींबू की ख़ुशबू ऐसे में मददगार साबित होती है&nbsp;</p></div>

नींबू की ख़ुशबू ऐसे में मददगार साबित होती है 

(फ़ोटो: iStock)

नींबू की सुगंध से गर्भवती महिलाओं को मतली से निपटने में मदद मिलती है.

पब मेड सेंट्रल के अनुसार, नींबू, आलमंड ऑयल के मुकाबले, मतली को 9 प्रतिशत तक कम करता है.

आप नॉज़ीअ से बचने के लिए नींबू के एक टुकड़े को सूंघ सकते हैं, या फ़िर नींबू की खुशबू वाले मोमबत्ती, या तेलों का उपयोग कर सकते हैं.

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नियंत्रित श्वास का अभ्यास करें

यूएस एनआईएच के अनुसार, धीमी और गहरी सांसें गर्भवती महिलाओं, या सर्जरी के बाद किसी में भी मतली को कम करने में मदद कर सकती हैं.

अपनी नाक से गहरी सांस लें और अपने मुंह से सांस छोड़ें.

नियंत्रित श्वास मतली से छुटकारा पाने में प्रभावी हो सकता है. अकेले ब्रीदिंग एक्सरसाइज से मतली में 63 प्रतिशत की कमी देखी गई है.

कुछ खास मसालों का प्रयोग करें

सौंफ पाउडर, दालचीनी और जीरा भारत में सबसे आम मसाले हैं और आसानी से आपकी रसोई में मिल सकते हैं.

यूएस एनआईएच के अनुसार, सौंफ का पाउडर मतली और उल्टी को कम कर सकता है, दालचीनी मतली की गंभीरता को कम कर सकता है, और जीरा का अर्क दस्त, कब्ज, पेट दर्द और मतली के लिए फायदेमंद हो सकता है.

मालिश

मालिश भी आपको मतली से राहत दिलाने में मदद कर सकती है.

प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन (पीएमआर) भी इस मामले में प्रभावी साबित हुआ है और मांसपेशियों को निरंतर तनावग्रस्त और शिथिल करके इसका अभ्यास किया जा सकता है.

कीमोथेरेपी के बाद मालिश से मतली की गंभीरता में कमी आ सकती है और हाथ और पैरों के निचले हिस्से में मालिश कराने से लोगों में मतली 24 प्रतिशत कम हो सकती है.

नॉज़िआ से छुटकारा पाने के लिए आप किसी से भी हल्की मालिश करने के लिए कह सकते हैं. बेहतर महसूस करने के लिए आप ऊपर बताए गए तेलों का उपयोग भी कर सकते हैं.

(यह लेख केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी उपाय या उपचार को आजमाने से पहले, फिट हिंदी आपको एक योग्य चिकित्सा पेशेवर से परामर्श करने की सलाह देता है.)

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