ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ाता है रेड मीट, एक स्टडी में हुई पुष्टि
 एक स्टडी के मुताबिक रेड मीट खाने से बढ़ता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा. जानिए कैसे?
एक स्टडी के मुताबिक रेड मीट खाने से बढ़ता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा. जानिए कैसे?

ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ाता है रेड मीट, एक स्टडी में हुई पुष्टि

रेड मीट आपको भले ही कितना भी स्वादिष्ट लगता हो, लेकिन इसके कारण हेल्थ से जुड़े रिस्क को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

रिसर्चर्स ने पाया है कि रेड मीट खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, जबकि मुर्गे का मीट सुरक्षात्मक साबित हो सकता है.
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कैंसरकारक हो सकता है रेड मीट

अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एन्वायरनमेंटल हेल्थ साइंस से डेल पी सैंडलर ने कहा, "रेड मीट की पहचान एक संभावित कार्सिनोजेन के रूप में की गई है. हमारे अध्ययन में और अधिक सबूत मिले हैं कि रेड मीट स्तन कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है, जबकि पोल्ट्री कम जोखिम के साथ जुड़ी हुई मिली."

स्टडी का निष्कर्ष इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में पब्लिश हुआ है. इस स्टडी के लिए रिसर्चर्स ने 42,012 महिलाओं के कई तरह के मांस खाने और इन्हें पकाने की प्रक्रिया पर जानकारी का विश्लेषण किया. ये विश्लेषण औसतन 7.6 वर्षों तक किया गया.

इस दौरान 1,536 आक्रामक स्तन कैंसर की पहचान की गई. यह पाया गया कि रेड मीट की बढ़ती खपत इनवेसिव ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ी थी.

क्या रेड मीट की बजाए चिकन खाना ज्यादा सुरक्षित?

स्टडी के मुताबिक, जिन महिलाओं ने रेड मीट का सबसे अधिक सेवन किया, उनमें उन महिलाओं की तुलना में 23 फीसदी अधिक जोखिम था, जिन्होंने इस मीट का सबसे कम सेवन किया था.

वहीं पोल्ट्री की बढ़ती खपत स्तन कैंसर के कम जोखिम से जुड़ी मिली. इसमें सबसे अधिक मात्रा में इसका प्रयोग करने वाली महिलाओं में कम प्रयोग करने वालों की तुलना में 15 फीसदी कम जोखिम देखा गया.

रेड मीट की बजाए चिकन खाने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की आशंका और भी कम पाई गई.

नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट पराग कुमार ने बताया, "प्रोसेस्ड मीट आमतौर पर रेड मीट से बना होता है, लेकिन इसमें नाइट्रेट और नाइट्राइट भी होते हैं, जो आगे चलकर कार्सिनोजेन बनाने में टूट जाते हैं. यह सलाह दी जाती है कि एक हफ्ते में 455 ग्राम से ज्यादा पके हुए रेड मीट का सेवन नहीं किया जाना चाहिए"

हालांकि गुरुग्राम के नारायणन सुपर स्पेशएलिटी अस्पताल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (स्तन सेवाएं) की वरिष्ठ सलाहकार रश्मि शर्मा ने बताया रेड मीट अच्छी क्वालिटी वाले प्रोटीन के साथ ही आयरन और जिंक जैसे माइक्रो न्यूट्रिएंट्स का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.

शर्मा ने बताया, "गर्भवती महिलाओं को भ्रूण के विकास के लिए अच्छी क्वालिटी वाले प्रोटीन की जरूरत होती है, लेकिन रेड मीट से स्तन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए महिलाओं को प्रोटीन प्राप्त करने के लिए चिकन का इस्तेमाल करते हुए साथ ही स्तन कैंसर से भी बचना चाहिए."

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