होली पर घर में ही बनाएं हर्बल रंग, नुस्खा यहां सीख लीजिए
यह कोशिश करें कि आप ऑर्गेनिक/हर्बल रंगों से ही होली खेलें लेकिन इन रंगों की पहचान भी जरूरी है
यह कोशिश करें कि आप ऑर्गेनिक/हर्बल रंगों से ही होली खेलें लेकिन इन रंगों की पहचान भी जरूरी है(फोटो: iStock)

होली पर घर में ही बनाएं हर्बल रंग, नुस्खा यहां सीख लीजिए

रंगों के त्योहार होली में पिचकारियां तो छूटेंगी, गुलाल तो उड़ेंगे, गुब्बारों के रंगों से सराबोर भी होंगे. लेकिन इस दौरान रंग खेलने के साथ रंग छुड़ाने, स्किन और बालों को हुए नुकसान की भी चिंता रहती है. इसलिए ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल की पैरवी करती हैं.

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वह कहती हैं:

इन दिनों रंगों में माइका, लेड जैसे हानिकारक रासायन मिले होते हैं जिससे बाल और स्किन रूखी एवं बेजान हो जाती है. बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं और त्वचा में जलन शुरू हो जाती है. होली में उपयोग किए जाने वाले रंगों से त्वचा में एलर्जी, आंखों में जलन और पेट की अनेक समस्याएं पैदा हो जा सकती हैं. ऐसे में सबसे पहले आप यह कोशिश करें कि आप ऑर्गेनिक/हर्बल रंगों से ही होली खेलें लेकिन इन रंगों की पहचान भी जरूरी है.

शहनाज ने कहा:

होली के दौरान बाजारों में इको फ्रेंडली रंगों की भरमार आ जाती है, लेकिन अगर इन रंगों से किसी केमिकल या पेट्रोल की गंध आए या रंग पानी में आसानी से न घुलें तो आप इन्हें कतई न खरीदें, क्योंकि पैसा बनाने के चक्कर में लोग अक्सर त्योहारों को ही चुनते हैं. ऑर्गेनिक रंगों में डार्क शेड में चमकदार कण कतई नहीं होते इसलिए काला, सिल्वर, गहरा पीला रंग कतई न खरीदें.

उन्होंने कहा कि यह कतई जरूरी नहीं है कि नामी गिरामी कंपनियों के बाजार में बिकने बाले महंगे हर्बल रंगों को ही चुनें, बल्कि बेहतर रहेगा अगर आप घर में ही हर्बल रंग बनाएं.

  • आप बेसन में हल्दी मिलाकर पीला हर्बल रंग पा सकते हैं.

  • गेंदे के फूलों के पत्तों को पानी में उबालकर पिचकारी के लिए पीला रंग बना सकते हैं.

  • गुड़हल फूलों के पत्तों के पाउडर को आटे के साथ मिलाने से लाल रंग बन जाता है.

  • पानी में केसर या मेहंदी मिलकर नारंगी रंग बन जाता है,

  • अनार के दाने पानी में मिलाकर गुलाबी रंग का पानी बन जाता है.

होली का त्योहार ज्यादातर खुले आसमान में खेला जाता है, जिससे सूर्य की गर्मी से भी त्वचा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. खुले आसमान में हानिकारक यूवी किरणों के साथ-साथ नमी की कमी की वजह से त्वचा के रंग में कालापन आ जाता है. होली खेलने के बाद त्वचा निर्जीव बन जाती है.
  • होली के पावन त्योहार में अपनी त्वचा की रक्षा के लिए होली खेलने से 20 मिनट पहले त्वचा पर 20 एसपीएफ सनस्क्रीन का लेप कीजिए. अगर आपकी त्वचा पर फोड़े, फुंसियां हैं तो 20 एससपीएफ से ज्यादा दर्जे की सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए.

  • ज्यादातर सनस्क्रीन में मॉइस्चराइजर ही मौजूद होता है. अगर आपकी त्वचा अत्यधिक रूखी है तो पहले सनस्क्रीन लगाने के बाद कुछ समय इंतजार करें, उसके बाद ही त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाएं.

आप अपनी बाजू तथा सभी खुले अंगों पर मॉइस्चराइजर लोशन या क्रीम का उपयोग करें.

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