पीरियड्स के दौरान पेट फूलने की वजह जानती हैं आप?
पीरियड्स के दौरान पेट क्यों फूल जाता है?
पीरियड्स के दौरान पेट क्यों फूल जाता है?

पीरियड्स के दौरान पेट फूलने की वजह जानती हैं आप?

हम में से ज्यादातर महिलाओं को पीरियड शुरू होने वाले हैं, इसका पता पेट देखकर चल जाता है. जब रातों रात पेट के आकार में बदलाव सा महसूस होता है. पीरियड्स के दौरान-कई महिलाओं को पीरियड शुरू होने से पहले या पीरियड शुरू होने पर पेट फूला हुआ लगता है.

ऐसा लगता है जैसे आपका वजन बढ़ गया है और आपकी पसंदीदा जींस अचानक कुछ दिनों के लिए टाइट हो गई है. आपका पेट फूल जाता है और पेट भारी सा लगता है. ये प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षणों में से एक हो सकता है.

लेकिन पीरियड्स के दौरान पेट क्यों फूल जाता है? और क्या आप इसे रोकने के लिए या इसे कम करने के लिए कुछ कर सकती हैं?

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पीरियड्स में पेट फूलने की वजह क्या है?

अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट, गायनेकोलॉजिस्ट डॉ रंजना शर्मा का कहना है कि हर महीने पीरियड्स शुरू होने के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं. पीरियड शुरू होने से कुछ वक्त पहले प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजेन के स्तर में परिवर्तन होता है.

 हर महीने पीरियड्स शुरू होने के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं
हर महीने पीरियड्स शुरू होने के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं
(फोटो: iStock)

पीरियड शुरू होने के एक हफ्ते पहले महिलाओं के प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में गिरावट आती है. प्रोजेस्टेरोन के स्तर में कमी होने की वजह से यूटरस (गर्भाशय) की परतें फैल जाती हैं, जिसकी वजह से पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग होती है.

ये हार्मोनल बदलाव आपके आंतों के मूवमेंट को धीमा करते हैं और इसके साथ ही नमक और पानी को जमा कर वाटर रिटेंशन की वजह बनते हैं. इससे ब्लोटिंग (फूलना) होती है और आप पेट भरा सा महसूस करती हैं. 
डॉ रंजना शर्मा, सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट

पीरियड के पहले दिन ऐसा होता ही है और धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है.

कुछ महिलाओं के लिए पेट फूलने की ये दिक्कत सामान्य से ज्यादा हो सकती है और उन्हें सुस्त और असहज बनाती है.

क्या इसे ठीक किया जा सकता है?

इसे रोकने के लिए आप नैचुरल तरीका अपना सकती हैं. आपको वाटर रिटेंशन से बचने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने होंगे और इस तरह आप ब्लोटिंग से राहत पा सकती हैं.

डॉ शर्मा कहती हैं, "आप जानती हैं कि ऐसा होने जा रहा है, इसलिए पहले ही एक्टिव हो जाएं."

कुछ टिप्स:

  • ये जरूरी है कि आप रेगुलर एक्सरसाइज करें. अगर आपको किसी खेल में दिलचस्पी है और आपको कोई खेल खास पसंद हो, तो आप उस खेल को खेलना जारी रखें. बस, पूरे वक्त बैठे रहकर दिक्कत को और न बढ़ाएं.
  • फल और हरी सब्जियां जैसी हेल्दी चीजें खाएं.
  • बहुत ज्यादा नमकीन चीजें न खाएं. पोटैशियम से भरपूर केला, पालक जैसी हरी पत्तीदार सब्जियां और मीठा आलू जैसी चीजें पीरियड ब्लोटिंग को कम करने में मदद कर सकती हैं.
  • खूब पानी पीएं ये गुर्दे (किडनी) की कार्यक्षमता में सुधार करने के साथ ही आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करेगा.

हां, पीरियड्स के दौरान अपने बदलते मूड या यूं कहें कि लो मूड को ठीक करने के लिए बहुत अधिक चॉकलेट और चीज़ जैसी चीजें खाने से बचें.

अगर इनमें से कोई भी तरीका आपकी परेशानी को कम करने में कामयाब नहीं होता और पीरियड्स के दौरान आपका रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हों, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से संपर्क करें. वे आपकी स्थिति का आकलन कर आपको सही सुझाव और दवा देकर आपकी परेशानी को कम कर सकते हैं, इससे हार्मोन के उतार-चढ़ाव दूर हो जाएंगे.

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